धर्मसिवनी

सद्कर्म करने, करवाने और भागीदारी करने वाले पवित्र होते है – निर्विकल्प जी

seoni – भगवती गंगा को जो लाया वो पवित्र हुआ, जिसके लिए लाया वो पवित्र हुआ और आज तक जो डुबकी लगा रहे वो पवित्र हो रहे ।
उक्ताशय के प्रवचन सरेखा में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दौरान ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज देते हुए कहा कि उसी प्रकार ये हरि कथा भी एक गंगा है जो लाया वो पवित्र होगया है जो कथा सुनने आते है वे भी इस में तर गए हैं कोई भी कार्य में तीन लोग पवित्र होते हैं सत्कर्म जो करता है, जो करवाता है और उसमें जिसकी भागीदारी या सहयोग करता है वो सब तर जाते हैं ।

सद्कर्म करने, करवाने और भागीदारी करने वाले पवित्र होते है - निर्विकल्प जी - Seoni News
कथा विश्राम दिवस में पूज्य ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने कहा की ये कथा सरेखा के दुबे परिवार द्वारा आयोजित की गई, जिसने भी तन, मन, धन से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया उन सब पर भगवान् श्री कृष्ण की कृपा बनी रहे । और हमारे जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज का आशीर्वाद बना रहे ऐसी मंगल कामना करते हैं और जिले मीडिया को सहयोग के लिए मंगल कामना आशीर्वाद दिया।
पूज्य श्री ने बताया की कोई भी कार्यक्रम का श्रेय किसी न किसी को दिया जाता है तो इस कथा का श्रेय अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज को देते हुए बताया की उनकी अहेतु की कृपा से ही ये कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ हम उनके श्री चरणों में कोटिश: प्रणाम करते हैं ।

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