जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छपारा में ऐतिहासिक बावड़ी उत्सव, जल संरक्षण का दिया संदेश
प्राचीन बावड़ी की सफाई, पूजन-अर्चन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जन अभियान परिषद ने पौधरोपण व वर्षा जल संचयन का किया आह्वान
छपारा बावड़ी उत्सव – जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बावड़ी उत्सव, जल संरक्षण का दिया संदेश
Seoni 29 June 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड छपारा के तत्वावधान में वार्ड क्रमांक 14 स्थित ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ी में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर भव्य बावड़ी उत्सव आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बावड़ी की साफ-सफाई, विधि-विधान से पूजन-अर्चन तथा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पिछले कई दिनों से विकासखंड में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
यह भी पढ़े :-आदर्श ग्राम बोरदई में किया जल गंगा संवर्धन के अंतर्गत तालाब में स्वच्छता एवं वाचनालय एवं संस्कार केन्द्र का शुभारंभ
समापन अवसर पर आयोजित बावड़ी उत्सव ने लोगों को पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया।

‘जल है तो जीवन है’ : शिवकांत सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष शिवकांत सिंह ने कहा कि “जल है तो जीवन है”।
यदि आज जल का संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में मानव जीवन गंभीर संकट का सामना करेगा। उन्होंने नागरिकों से जल की प्रत्येक बूंद बचाने, वर्षा जल संचयन अपनाने तथा अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु जल संरक्षण का सबसे उपयुक्त समय है और छोटे-छोटे प्रयासों से करोड़ों लीटर वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाकर जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पौधरोपण और जल स्रोतों के संरक्षण का आह्वान
जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक अनिल कुमार ने अभियान के दौरान संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
यह भी पढ़े :-ई-विकास प्रणाली से किसानों को समय पर मिल रहा उर्वरक, सिवनी में 1.24 लाख किसानों ने उठाया लाभ
उन्होंने सभी लोगों से अपने खेत, मेड़, घर, आंगन तथा सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल स्रोतों की नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद ठाकुर विशाल सिंह, वरिष्ठ नागरिक हरेंद्र सिंह राजपूत, जन अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवक, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़े :- कुकरू में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी ‘मन की बात’, स्व-सहायता समूहों से किया संवाद
कार्यक्रम का संचालन संजय बंजारा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मेंटर रेखा नामदेव ने किया।
बावड़ी उत्सव के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी का प्रभावी संदेश दिया गया। उपस्थित नागरिकों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।



