एमपी को 2080 करोड़ की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया 950 मेगावॉट क्षमता के दो सोलर पार्कों का लोकार्पण
नीमच और शाजापुर की परियोजनाओं से हरित ऊर्जा उत्पादन को मिलेगी नई गति, 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों का भी लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
CM Mohan Yadav ने किया 950MW नीमच सोलर पार्क का लोकार्पण किया
भोपाल/नीमच यशो:- मध्यप्रदेश ने स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी की उपस्थिति में नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। लगभग 2080 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार हरित विकास को आर्थिक विकास का आधार बना रही है। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने वाला अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन क्षेत्र भविष्य में ग्रीन एनर्जी और औद्योगिक विकास के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नीमच में देश की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज परियोजनाओं में से एक पर कार्य जारी है।

देश की सबसे सस्ती सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच में स्थापित नए सोलर पार्क से लगभग 2.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होगी, जिसे देश की सबसे कम सौर ऊर्जा दरों में शामिल बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को कम लागत पर बिजली मिलेगी और दीर्घकाल में उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में नीमच जिले में 675 मेगावॉट क्षमता की सौर परियोजनाएं संचालित हैं, जबकि लगभग 1952 मेगावॉट क्षमता की नई परियोजनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
1553.98 करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भी शुभारंभ
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने 1553.98 करोड़ रुपये की लागत वाली 38 औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। इसके अतिरिक्त नीमच जिले में लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित कर रही है। फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क, सोलर ग्लास निर्माण इकाई तथा अन्य औद्योगिक परियोजनाएं प्रदेश में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएंगी।
किसानों और ग्रामीण विकास का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष प्रदेश ने गेहूं उत्पादन और खरीदी में नया रिकॉर्ड बनाया है तथा किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया। उन्होंने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने जल गंगा संरक्षण अभियान, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गांव, गरीब और किसान के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा मध्यप्रदेश
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रही सौर एवं पंप स्टोरेज परियोजनाएं देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेंगी।
उन्होंने बताया कि मुरैना की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना और नीमच की नई सौर परियोजनाएं भविष्य में देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा हरित ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे निवेश, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण तीनों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, बिजली और जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मध्यप्रदेश की बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता
राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश में अब 12 हजार मेगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। आगर, रीवा, ओंकारेश्वर, मक्सी और नीमच जैसी परियोजनाएं मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल कर रही हैं।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को और अधिक बढ़ाकर औद्योगिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करना है।



