खेती में कीटों का नियत्रंण अब सोलर लाइट ट्रैप से
बालाघाट । जिले में धान की फसल व अन्य फसलों के कीटों के नियत्रंण के लिए सौर उर्जा पर आधारित नियत्रंण तकनीक सोलर लाइट ट्रैप (solar light trap) का उपयोग लाभकारी सिद्ध हो रहा है। जिले में कृषि विभाग (Agriculture Department) की नई पहल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत समन्वित कीट प्रबधंन घटक के तहत सोलर लाईट ट्रैप का उपयोग किसानों द्वारा किया गया।
क्या है सोलर लाइट ट्रैप
सोलर लाइट ट्रैप एक प्रकार का सोलर उर्जा (पैनल) द्वारा संचालित होने वाला प्रकाश प्रबंध है जो कि खेत में एक स्?थान पर रखा जाता है] जिसमें अल्ट्रा वायलेट लाइट (ultra violet light) लगी रहती है व दिन में सूर्य प्रकाश में पैनल (Panel) द्वारा उर्जा एकत्रित कर जैसे की अधेंरा होता है। सेंसर लगे होने के कारण लाइट चालू हो जाती है। जो कि प्रौढ कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ट्रैप में कीटों के आने के पश्चात वह नीचे लगी जाली (नेट) में फस जाते है। इस प्रकार खेत के प्रौढ कीट जैसे तना छेदक की तितली, मांहू, व अन्य कीट इक_े हो जाते है जिससे कीटों की सतति आगे बढ़ नही पाती] इस प्रकार बैगैर कीटनाशकों के कीटों का नियत्रंण होता है।
उपयोग विधि
खेत में मेढ़ो पर इस यंत्र को बास के सहारे यंत्र को खंडा किया जाता है एक यंत्र 3-5 एकड़ के लिए पर्याप्त होता है दिन में सोलर पैनल द्वारा बैटरी चार्ज होती है व रात में अंधेरा होने पर स्वत: ही लाइट जलती है। कीटों के जाली में जमा होने के पश्चात सुबह या 2-3 दिन में काड़ों को निकालकर उन्हें नष्ट किया जाय। इस प्रकार यह कीटों के नियत्रंण का एक प्राकृतिक, यात्रिंकीय निराकरण है। यह यंत्र लगभग राशि रू. 2500 से 3500 तक बाजार में उपलब्ध है किसानों द्वारा लगाने पर कृषि विभाग द्वारा प्रति हेक्टर 500 अनुदान डीबीटी (dbt) के माध्यम से कृषक के खाते में जमा किया जावेगा।
कहां-कहां उपयोग हो रहा है
सोलर लाइट ट्रैप का से कीटों के नियंत्रण का उपयोग करने की तकनीक (Technique) का उपयोग उन्नतशील कृषक राम मनोहर बाबुराम कलिहारी ग्राम-कुकर्रा, विकासखंड-बैहर, विरेन्द्र धान्द्रे ग्राम-कटंगझरी, विकासखंड-लालबर्रा अन्य पांच कृषक भी कर रहे हैं।


