धर्मविचार

good morning thoughts : संवारना

मानव का स्वभाव है कि वह दिखने वाली चीजों को संवारता है, जो दिखती नहीँ, उनकी तरफ ध्यान नहीं देता।
शरीर और शरीर के वस्त्र दिखते हैं, इन्हें चमक-दमक से भर लेता हैं, परन्तु आत्मा, जो दिखाई नहीं देती, उसे संवारना मुश्किल समझता है।
good morning thoughts : संवारना - Seoni News
जैसे बीज को सँवारे बिना पेड़ की श्रेणी नहीँ सुधर सकती, उसी प्रकार आत्मा को सँवारे बिना मन नहीं संवरता है और उसके बिना इन्द्रियो को वश में नहीं किया जा सकता।
पेड़ का बीज ही सबसे महत्वपूर्ण है। यदि कोई कहे कि बीज तो दिखता नहीं है, दिखते तो तना, पत्ते, डालिया है, हम उनको सूंदर बनायेंगे। गीला कपड़ा लेकर पोछते रहिये, परिणाम क्या निकलेगा, पेड़ सुख जाएगा। न फल देगा, न छाया देगा।
इसलिए बीज दिखे या न दिखे, सीचना, संवारना तो उसे ही है। इसी प्रकार आत्मा की संकल्प शक्ति, मन के विचार दिखे या न दिखे, संवारना तो उन्हीं को है।

Dainikyashonnati

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