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अंग्रेजो के समय के कानून समाप्त, आज से भारतीय न्याय संहिता लागू 

आम जन तक पहुँचाएं नए स्वरूप में लागू किए गए कानून की जानकारियाँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वीडियो कांफ्रेंस द्वारा सभी जिलों को दिए गए निर्देश

भोपाल :-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की पहल से देश में गुलामी की निशानियों को समाप्त करने के लिए विभिन्न कार्य हो रहे हैं। इस क्रम में एक जुलाई से देश में अनेक कानून नये स्वरूप में लागू होंगे। दंड के स्थान पर न्याय का महत्व बढ़ें एवं भारतीय नागरिकों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों की रक्षा हो सके, इस चिंतन से तीन विधेयक निरस्त कर नए दंडनीय विधेयक लाए गए हैं। आम जन तक इनकी जानकारी पहुँचाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज वी़डियों कान्फ्रेंसिंग (video conferencing) से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों के समय से चले आ रहे ऐसे विधेयक एवं अधिनिय़म (Bills and Acts) में भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) 1860, दंड प्रक्रिया संहिता (1898), 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता 1860 को भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 (Indian Justice Code Bill 2023)  द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। दंड प्रक्रिया संहिता 1898 (Code of Criminal Procedure 1898) को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 (Indian Civil Defense Code Bill 2023) द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 को भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन को विभिन्न सेमीनार और वेबीनार के माध्यम से भी इन कानूनों की जानकारी प्रदान की जाए। अभियान संचालित कर नये कानूनों की जानकारियों को प्रचारित किया जाए।
वीडियो कांफ्रेंस में पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना  (Director General of Police Sudhir Kumar Saxena)  ने बताया कि प्रदेश के सभी 982 थानों में नए कानूनों की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यक्रम भी एक जुलाई को हो रहे हैं। पुलिस कर्मियों को इनका विस्तृत विवरण प्रदान किया गया है। पूर्व में नए कानूनों से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं।

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