धर्ममध्यप्रदेशसिवनी
आधुनिकता की अंधी दौड़ से रहे दूर, सुंदरकांड समिति ने किया आग्रह
ज्वाला देवी सिद्ध पीठ में 55 वें सप्ताह सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का भक्तिभाव से पाठ संपन्न
सिवनी यशो:- सिवनी नगर के उप नगरीय क्षेत्र भैरोगंज परतापुर रोड में स्थित श्री मां आदिशक्ति ज्वाला देवी सिद्ध पीठ मंदिर में लगातार 55 सप्ताह से युवाओं एवं मातृशक्ति द्वारा सास्वर भक्तिमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है । सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के पाठ बड़ी श्रद्धा और आस्था के किया जा रहा है । युवा एवं मातृशक्ति इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश भी दे रहे है ।
नशा एवं दुर्व्यसन से दूर रहने का व्यापक संदेश देने के साथ आधुनिकता की अंधी दौड़ से परहेज करने, अपने आस पास स्वच्छ वातावरण रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर इस संगोष्ठी में विचार किया जाता है । युवाओं को भक्तिभाव एवं आध्यात्मिक चिंतन से जोडऩे का यह जागरण अभियान युवाओं एवं मातृशक्ति के बीच लोकप्रिय हो रहा है । कार्यक्रम की भव्यता और निरंतरता ने इसके प्रति आकर्षण पैदा कर दिया है जिले के साथ ही अन्य जिलों एवं अन्य प्रदेशों से भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में पहुँच रहे है । युवाओं एवं मातृशक्ति में राम भक्त हनुमान का परक्रम, स्वामी भक्ति और साहस युवाओं को प्रेरणा प्रदान कर उन्हें नई दिशा दे रहा है । युवाओं का मानना है कि युवाओं के लिये हनुमान जी से अच्छा कोई दूसरा आदर्श नहीं है और वे युवाओं के असली हीरो है ।
युवा एवं मातृशक्ति पूरे उत्साह के साथ पिछले एक वर्ष से हर शनिवार को शाम 6:00 बजे एकत्रित होकर भक्तिपूर्ण माहौल तैयार कर माता ज्वालादेवी के समक्ष संगीतमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ करते है एवं इसके पश्चात महाआरती का आयोजन कर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है । धार्मिक कार्य में इस प्रकार की नियमित्ता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि युवाओं में समाज कल्याण का भाव तेजी से जागृत हो रहा है और आध्यात्म की ओर उनका झुकाव युवाओं को दिशा देने का क्रांतिकारी कदम है ।
मंदिर समिति के शुभम राजपूत ने बताया कि माता रानी के दरबार में इस शनिवार को मंदिर समिति द्वारा महा प्रसाद वितरण किया गया तथा विश्व कल्याण की कामना की गयी । सिद्ध पीठ ज्वाला देवी मंदिर समिति द्वारा प्रति शनिवार होने वाले सुंदरकांड पाठ में मुख्य रूप से जो भी अपने नाम से पाठ कराना चाहता है, वह यजमान बनने के लिए मंदिर समिति से संपर्क कर सकता है।






