WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
मध्यप्रदेशराजनीतिसिवनी

कांग्रेस ने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी – ताराचंद बाबरिया 

राहुल गांधी के आरक्षण विरोधी बयान के विरोध में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का धरना प्रदर्शन संपन्न 

सिवनी यशो:- संविधान की रक्षा और  आरक्षण जारी रखने के लिए हम हर संघर्ष, हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। इसके लिए हम किसी भी तरह का बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे। संविधान, आरक्षण और दलितों के अपमान की भावना कांग्रेस की नस-नस में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में आरक्षण के विरोध में दिया गया बयान भी कांग्रेस की इसी भावना का परिचायक है। इस आशय की बात अनुसूचित जाति के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया द्वारा आज नगर पालिका के सामने अनुसूचित जाति मोर्चा के तत्वाधान में राहुल गांधी के आरक्षण विरोधी बयान के विरोध में आयोजित एक धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में कही गई।
बाबरिया ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी ने लगभग 57 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन इस दौरान कभी उसने संविधान में प्रदत्त मूलभूत आरक्षण के सिद्धांत को सही भावना और स्वरूप में लागू करने की इच्छा शक्ति नहीं दिखाई। तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने 1956 में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने से संबंधित काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। 1961 में पं. नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। पं. नेहरू ने ही बाबा साहब अंबेडकर के सामाजिक और राजनीतिक जीवन को समाप्त करने का षडयंत्र रचा, उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने का पाप किया। कांग्रेस ने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी बाबा साहेब का तैल चित्र संसद में नहीं लगने दिया था और न ही उन्हें कभी भारत रत्न देने का प्रयास किया गया। 
श्री बाबरिया ने कहा कि अगर हम कांग्रेस का इतिहास देखें, तो पता चलता है कि उसने बार-बार संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया है और उसके नेता राहुल गांधी का विदेश की धरती पर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के खिलाफ बयान ऐसे ही एक षडयंत्र का हिस्सा है। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1975 में अपने राजनीतिक हितों के लिए संविधान को कुचलते हुए देश में आपातकाल लगा दिया था। इस दौरान पत्रकारों की आवाज को दबाया गया और विरोधी दलों के नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया। 1960 से 1977 के बीच कांग्रेस की सरकार ने 25 से अधिक बार संविधान में संशोधन किया। 
श्री बाबरिया ने कहा कि, 2014 में जब से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, केवल 8 बार संविधान में संशोधन किए गए हैं। राजीव गांधी जी ने 3 मार्च 1985 को एससी आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए यह कहा था कि आरक्षण के माध्यम से हमें बुद्धुओं को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। राजीव गांधी ने ही मंडल आयोग की रिपोर्ट का विरोध किया तथा 1990 में लोकसभा में आरक्षण का भी विरोध किया। 
भाजपा मीडिया प्रभारी श्रीकांत अग्रवाल ने बताया कि, इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री आशीष मानाठाकुर के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान श्री बाबरिया ने कहा कि, संविधान के आदर की भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मन में हमेशा से रही है। केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कश्मीर से धारा 370 और 35-ए हटाई और आजादी के 75 वर्षों के बाद वहां भारत के संविधान को लागू करके दलितों, आदिवासियों तथा पिछड़ों को आरक्षण प्रदान किया।
इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से, महामंत्री अजय डागोरिया , जिला उपाध्यक्ष लालू राय , विनोद सोनी , पूर्व जिला महामंत्री संतोष नगपुरे , आनंद पंजवानी, पार्षद राजू यादव , संजीव ऊईके , पंकज बिसेन , सुरेश डहेरिया , संजय खंडाइत , निरंजन मिश्रा , विजय लक्ष्मी नागौत्रा , उज्जवला सोमदेव , सीमा गड़पाएले ,दीपू मिश्रा , प्रमोद अहिरवार , जयंत डहेरिया राजुल सोनी , संजुल सोनी , जित्तू यादव , सहित बड़ी संख्या में  कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!