छिंदवाड़ामध्यप्रदेशराजनीति
समय के अनुसार बदलती है परिस्थितियां
दीपक सक्सेना एवं पुत्र अजय सक्सेना ने भाजपा के सक्रिय सदस्य बने
गोविन्द चौरसिया
छिंदवाड़ा यशो:- परिवर्तन प्रकृति का नियम है, समयानुसार सब बदलता है एक समय ऐसा था कि कमलनाथ भी भाजपा में शामिल होने वाले थे किन्तु बात नहीं बनी किन्तु कांग्रेस के सभी नेताओं को मालूम था कि केन्द्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार है और फिलहाल कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है यह कमलनाथ को भी मालूम था और कांग्रेस हाईकमान ने इन्हें संगठन से भी हटा दिया जिससे यह तय हो गया कि वे विकास नहीं करवा पायेगे, कमलनाथ ्र नकुल नाथ भाजपा में आना चाहते थे किन्तु बात नहीं बनी और वे कांग्रेस में ही रह गये।
उनके सिफासलाहरों को मालूम था आज नहीं तो कल कमलनाथ या नकुलनाथ भाजपा में शामिल होंगे, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण थे दीपक सक्सेना, दीपक सक्सेना को कमलनाथ का हनुमान कहा जाता था, वे कांग्रेस में हमेशा नंबर वन में ही रहते थे। किन्तु पुत्र मोह में कमलनाथ ने अपने पुत्र को लोकसभा की टिकट दिलवाई, इससे निश्चित ही उनके समर्थकों में निराशा आई और यह बात फैल गई कि कब तक कमलनाथ कि गुलामी सहेंगे।
दीपक सक्सेना के पुत्र अजय सक्सेना की नकुलनाथ से पट नहीं रही थी, नकुलनाथ को उम्र के अनुसार कांगे्रसियों से दोस्ताना संबंध बनाने थे किन्तु वे अपने पिता की राह पर चले और युवाओं में आपस में पटी नहीं, दीपक सक्सेना का राजनीति में अपना एक — है पूरे जिले में उनके समर्थक है और कांग्रेस से भाजपा में आये विवेक साहू उनके ही समर्थक है, बदलती परिस्थितियों को देखकर दीपक सक्सेना अपने समर्थकों के साथ हजारों की संख्या में भाजपा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं कैलाश विजय वर्गीय ने उन्हे महत्व दिया और जिले की स्थिति बदल गई।
जनता सिर्फ विकास पर ही विश्वास करती है, लोकसभा चुनाव के पहले कमलनाथ ने पं. प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री की कथा करवाई। इसके साथ-साथ उन्हो 4.25 करोड रामनाम भी लिखाये और कुछ काम नहीं आया।
दीपक सक्सेना भाजपा में शामिल हो गये भाजपा उन्हे एवं उनके पुत्र को महत्व दे रही है। भविष्य में भाजपा को कोई पद देना होगा तो दीपक एवं अजय सक्सेना का नाम सबसे ऊंचा है।
दीपक सक्सेना जो भाजपा नेताओं से एक समय नफरत करते थे भाजपा में शामिल हो गये और उन्हें जिला भाजपा के अध्यक्ष शेषराव यादव ने उन्हें भाजपा की सक्रिय सदस्यता दिलवाई।




