ध्वजारोहण से प्रारंभ हुआ महापर्व अष्टांहिका
पार्श्वनाथ जिनालय में आठ दिनों तक चलेगा मंगल महोत्सव
छिंदवाड़ा यशो: – कार्तिक शुक्ल सप्तमी शुक्रवार के शुभ दिन नई आबादी गांधी गंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में श्री दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल एवं अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के तत्वावधान में आठ दिनों तक चलने वाले जैन दर्शन के अनादि निधन शाश्वत महापर्व अष्टांहिका का मंगलमय शुभारंभ हुआ।
प्रात:काल की मंगल बेला पर श्रावणगणों ने श्री पार्श्व प्रभु के मनोहारी जिनबिंब का प्रक्षालन किया पश्चात जिनालय के शिखर पर जिनशासन का मंगल ध्वज फहराकर अष्टांहिका पर्व का शुभारंभ किया गया। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य मंडल के मंत्री अशोक जैन, फेडरेशन उपाध्यक्ष जिनेन्द्र, सचिव दीपक राज जैन, सुरेंद्र जैन, पंकज जैन को प्राप्त हुआ।
ध्वजारोहण के पश्चात श्री अष्टपाहुड़ विधान का विधि पूर्वक शुभारंभ किया गया जिसकी विधि पंडित ऋषभ शास्त्री एवं डॉ. विवेक जैन, सचिन जैन एवं आशीष कौशल द्वारा कराई गई।
इस अवसर पर श्रीमती पदमा सुरेन्द्र जैन हस्ते जिनवाणी विराजमान की गई एवं श्रीमती रानी जैन, मंजू जैन, श्रद्धा जैन, समता जैन, सविता जैन, सुरक्षा जैन, प्रगति जैन एवं चौथमल जैन द्वारा मंगल कलशों की स्थापना की गई।
मंगल प्रवचनों का मिला लाभ
विधान के पश्चात बाल ब्रह्मचारिणी डॉक्टर आरती जैन ने मंगल प्रवचनों में अष्टांहिका महापर्व की महिमा बताई गई, उन्होंने कहा कि महान पुण्योदय से ऐसे महापर्व को मनाने का सौभाग्य प्राप्त होता है। धन्य हैं वे जीव जो आठ दिनों तक विषय – कषाय को छोड़ कर महापर्व की आराधना करते हैं उनके लिए यह काल मंगल हैं। जैन दर्शन में अष्टांहिका पर्व सहित दशलक्षण पर्व, सोलहकारण पर्व, रत्नत्रय पर्व के साथ अष्टमी एवं चतुर्दशी को मंगल पर्व कहा गया जिसमे विशेष आराधना की जाती है। संध्या के समय जिनेन्द्र भक्ति के बाद बच्चों की पाठशाला एवं शास्त्र स्वाध्याय का लाभ मिला, मंगल महोत्सव आगामी कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा शुक्रवार 15 नवंबर तक चलेगा।





