समुद्र मंथन और राम-कृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन किया
भक्तों के बस में है भगवान – वेद बिहारी महाराज
Chhindwara 16 December 2024
छिंदवाड़ा यशो:- संकल्प वेलफेयर सोसाइटी (Sankalp Welfare Society) द्वारा पोला ग्राउंड दशहरा मैदान में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन परम श्रद्धेय वेद बिहारी महाराज ने भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्यरूपी कथा से त्रिवेणी प्रवाहित की । व्यास जी ने गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, राम अवतार और श्री कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंगों का वर्णन कर श्रोताओं को भक्ति रस से भर दिया। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का बोलबाला बढ़ जाता है। तब सर्वत्र हिंसा और उपद्रव दिखाई देता है। गोमाता, संतों व ब्राह्मणों पर जब दुष्ट लोग अत्याचार करते हैं तब प्रभु वैकुंठ त्याग कर धराधाम में अवतरित होते हैं। कथा प्रसंग में राम अवतार के साथ संक्षिप्त में वर्णन करते हुए कहा कि भगवान कभी जन्म नहीं लेते, अवतार धारण करते हैं, प्रकट होते हैं और प्रकट वहीं होते हैं जो पहले से विद्यमान हो।
व्यास ने कहा भगवान तो कण कण में मौजूद रहते हैं। श्रीराम अवतार कथा के दौरान उन्होंने कहा कि श्री राम कथा कलयुग में कामधेनु के समान है। कलिकाल में राम नाम स्मरण एवं भागवत कथा श्रवण मात्र से ही जीव कष्टों से छुटकारा पा सकता है। वहीं, उन्होंने बताया कि विश्वास से कथा श्रवण करने से कथा जीवन का सुधार कर देती है। संकल्प सोसायटी द्वारा आयोजित कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वाचन करते हुए कहा कि भगवान भक्तों के वश में हैं । भगवान हमेशा अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं । उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप, अनाचार बढ़ता है, तब-तब भगवान श्रीहरि धरा पर किसी न किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों के संकट को हरते हैं। उन्होंने कहा कि जब कंस के पापों का घड़ा भर गया, तब भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लेकर कंस का अंत किया और लोगों को पापी राजा से मुक्ति दिलाई ।
कथा के दौरान आचार्यश्री ने अनेक भक्तिपूर्ण भजन प्रस्तुत किए। जिनमें नंद घर जन्में कन्हैया…, कान्हा अब तो ले लो अवतार बृज में…, में तो नंद भवन में जाऊंगी…, यशोदा जायो ललना…, श्याम तेरी वंशी पुकारे राधा राम भजनों को सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो थिरकने को मजबूर हो गए। इस दौरान आचार्यश्री ने कहा कि आज व्यक्ति मोह माया के चक्कर में फंसकर अनीति पूर्ण तरीके से पैसा कमाने में जुटा है।



