तबला सम्राट उस्ताद जाकिर हुसैन को भावपूर्ण श्रृद्धांजली
निनाद ललित कला समिति ने उस्ताद के निधन पर जताया शोक
छिंदवाड़ा 18 दिसंबर 2024
छिन्दवाड़ा यशो:-निनाद ललित कला समिति छिदंवाडा द्वारा विश्व विख्यात तबला सम्राट उस्ताद जाकिर हुसैन के असामायिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रृद्धांजली अर्पित की गई ।
निनाद ललित कला समिति के सचिव आनंद बक्षी ने बताया कि, विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का 73 वर्ष की आयु में विदेश में निधन हो गया। उस्ताद जाकिर हुसैन तबला समाट उस्ताद अल्लाहरक्खा खाँ साहब के सुपुत्र थे। उस्ताद जाकिर हुसैन ने तबले को नई उँचाईयाँ प्रदान की। मात्र 12 वर्ष की आयु में आपने अपने तबले पर उंगलियों का जादू बिखेरना शुरू कर दिया था। 1973 में उस्ताद का पहला एलबम लीविंग इन द मेटेरियल वर्ल्ड आया था ।
सन 1988 में मात्र 37 वर्ष की आयु में पद्मश्री पुरूष्कार प्राप्त करने वाले उस्ताद सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने। अदभुत लयकारी पेशकार कायदे, टुकडे, आडकुआउ लय वादन, अतिदुरूत में उंगलियाँ तबले पर अदभुत ध्वनि उत्पन्न करती थी। उस्ताद जाकिर हुसैन को पद्मश्री, पद्मभूषण सहित संगीत क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित पुरुष्कारों से सम्मानित किया गया। वाह ताज के विज्ञापन के जरिये जाकिर हुसैन ने तबले को घर घर तक पहुँचाने का कार्य किया ।उस्ताद जाकिर हुसैन विदेशों में अत्यंत लोकप्रिय थे । उनकी ताल क्षमता से संपूर्ण विश्व उनके प्रति नतमस्तक था। विश्वप्रसिद्ध ग्रेमी अवार्ड से उन्हें अनेकों बार सम्मानित किया जाना इस बात का प्रतीक है कि, उस्ताद जाकिर हुसैन ईश्वरीय शक्ति के तबला वादक थे।निनाद ललित कला समिति ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की अपूर्णीय क्षति के रूप में उनके निधन को निरूपित किया है । निनाद ललित कला समिति के अध्यक्ष दत्तात्रेय रत्नाकर, आशीष त्रिपाठी, राजू निमाडे, डॉ. धनेश जडिया, सौ. पूर्वा जयंत बक्षी, सौ. राधिका परांजपे, मनीष श्रीवास्तव, श्याजी कृष्णन, विजय गुप्ता सहित समस्त पदाधिकारियों एवं संगीत प्रेमियों ने उस्ताद जाकिर हुसैन को श्रृद्धांजली अर्पित की





