करोड़ो की वक्फ की संपत्ति पर भू माफियाओं का कब्जा, राजस्व रिकार्ड से गायब हुई भूमि
Seoni 11 February 2025
सिवनी यशो:- वक्फ की संपत्ति का सिवनी जिले में जिस तरह का फर्जीवाड़ा और बंदरबांट हुआ है वह धार्मिक उद्देश्य से दान दी गयी जमीन को हड़पने के पाप के साथ संगीन आपराधिक किस्म का मामला प्रतीत होता है ।
सिवनी की अनेक वक्फ की संपत्तियाँ वक्फ के पेार्टल में दर्ज है परंतु यह संपत्तियाँ शासकीय रिकार्ड में दर्ज नहीं है । जानकार बताते है कि वक्फ बोर्ड के कत्र्ता धत्र्ताओं ने फर्जी तरीके से वक्फ की जमीने निजी नाम में दर्ज कराकर शासकीय रिकार्डो से हटवा दिये है और वक्फ के रिकार्ड में दर्ज रखकर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष तथा उच्चाधिकारियों को गुमराह करते रहे है ।
संपत्ति कभी वक्फ की तो कभी वक्फ की नहीं
जिले में वक्फ की संपत्ति के विषय में शासन के समय समय पर निर्णय और पत्रचार भी स्पष्ट नहीं है जिस संपत्ति को शासन एक समय में वक्फ की संपत्ति बताता है तो दूसरे समय में उसी संपत्ति को वक्फ की होने से नकार देता है । यहाँ बता दें सिवनी में वक्फ के अध्यक्ष रहते हुये डां. रियाज खान ने लगभग 600 एकड़ जमीन के विवादों के संबंध में एक लंबी लिखा पढ़ी की थी जिसमें 372 एकड़ जमीन दरगाह ज्यारत(मोहम्मद वली शाह ) की होना बताया था । ज्यारत की यह जमीन प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के हस्ताक्षर से प्रकाशित होने वाले 01 अप्रैल 1983 के राजपत्र में क्रमांक 56, 57, 58 एवं 60 में प्रकाशित है । वक्फ बोर्ड पोर्टल में जिसकी युनिक आई डी एमपी 400030 है में दर्ज है और इस जमीन को तहसीलदार सिवनी द्वारा हर वर्ष मुख्य कार्यपालन अधिकारी वक्फ बोर्ड के आदेशानुसार नीलाम करने के आदेश वक्फ बोर्ड के जिलाध्यक्ष के नाम जारी किये जाते रहे है । ज्यारत दरगाह की संपत्ति मानते हुये कलेक्टर न्यायालय ने अपने आदेश क्रमांक 605 में एक प्रकरण क्रमांक 63बी-121/ 21 – 22 दिनांक 14 दिसंबर 2022 को स्थागन आदेश जारी किया । इस मामले में ल्यायालय में भी प्रकरण प्रक्रियाधीन है ।
शासन को प्रमाणित रिकार्ड सौंपकर राजस्व रिकार्ड में दर्ज कराने युवा सक्रिय
वक्फ की संपत्ति के भौतिक सत्यापन के लिये केन्द्र सरकार ने आदेश जारी किये थे परंतु दरगाह की संपति शासकीय रिकार्ड में नहीं होने के कारण इसे वक्फ की संपत्ति नहीं माना गया है । इस बात की जानकारी प्राप्त होने पर मुस्लिम समाज के युवा सामाजिक कार्यकत्र्ता बेहद दुखी है और उनका कहना है कि वक्फ की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने वालो पर कठोर कार्यवाही के लिये वे संगठित प्रयास करेंगे और वक्फ बोर्ड तथा शासन को दरगाह से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराकर संपत्ति को सरकारी रिकार्ड में दर्ज कराने के साथ अतिक्रमणकारियों और संपत्ति को नाजयाज तरीके से बेचने वालों पर कठोर कार्यवाही की मांग करने के साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएँेगे ।
ज्यारत में जीमनों के क्रय विक्रय एवं निर्माण पर रोक क मांग
वक्फ संपत्ति के अध्यक्ष शफीक एवं आशिफ जरदारी ने 30 जनवरी को जिला कलेक्टर को पत्र सौंपते हुये मांग की है कि मध्यप्रदेश के राजपत्र क्रमांक 13 भोपाल शुक्रवार 01 अप्रैल 1983 भाग 3(1) में वक्फ बोर्ड सिवनी के संपूर्ण जिले की संपत्ति का भौतिक सत्यापन एवं डब्लू ए एमस आई – एम पी पोर्टल में गायब भूमि को दर्ज करने की मांग की है ।
वक्फ संपति दरगाह ज्यारत के अध्यक्ष एवं जिला संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सिवनी शफीक खान पटेल एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री आशिफ जरदारी जो वक्फ के अध्यक्ष भी रहे है ने मांग की है कि वक्फ की ज्यारत संबंधी भूमि के क्रय विक्रय एवं यहाँ हो रहे निर्माण कार्यो पर तत्काल रोक लगायी जाये ।
यहाँ यह बात भी उल्लेखनीय है कि ज्यारत की इस संपत्ति के नजदीक से होकर जा रहे नाले की जमीन भी भू माफियाओं द्वारा बेची जा रही है और यहाँ निर्माण कार्य भी हो रहे है । इस भूमि को बेचने में पटवारी सहित अल्य अधिकारी भू माफियाओं के सहयोगी की भूमिका निभा रहे है ।
वक्फ की संपत्ति को हम अपने रिकार्ड अनुसार राजस्व रिकार्ड में दुरूस्त करायेंगे, शासन की मंशा साफ है वक्फ की संपत्ति को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जायेगा, सिवनी में दगराह कमेटी शफीक खान पटेल की अध्यक्षता में इस पर कार्यवाही सुनिश्चित करायेगी और पूरा रिकार्ड दुरूस्त कराया जायेगा ।
सनवर पटेल
अध्यक्ष
वक्फ बोर्ड मध्यप्रदेश
हमारे पास वक्फ की संपत्ति से संबंधित जो सूची आई थी उसके अनुसार भोतिक सत्यापन कराया गया है । वक्फ के पोर्टल में जो संपत्ति है उसके लिये वक्फ को प्रदेश शासन से बात करना चाहिये ।
सुंश्री संस्कृति जैन
जिला कलेक्टर सिवनी
मध्यप्रदेश शासन
ज्यारत दरगाह की 372 एकड़ जमीन है जो 01 अप्रैल 1983 के राजपत्र में प्रकाशित है वक्फ बोर्ड के पोर्टल में दर्ज है परंतु राजस्व रिकार्ड में नहीं है इसे राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर जमीन पर अतिक्रमण करने वालों और इसकी नाजायज खरीदी विक्री तथा निर्माण पर रोक की मांग की गयी है ।
शफीक पटेल
अध्यक्ष दरगाह ज्यारत सिवनी
राजपत्र ने जिसे बताया वक्फ की संपत्ति, वह राजस्व के रिकार्ड में नहीं






