लायंस के सदस्यों की गिरफ्तारी एवं कुर्की पर रोक
Chhindwara 12 February 2025
छिंदवाड़ा यशो:- परासिया। लायंस आई हॉस्पिटल परासिया में मोतियाबिंद के ऑपरेशनों को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप में लायंस सेवा समिति के सात सदस्यों पर धोखाधड़ी एवं गबन का मामला परासिया थाने में गत 10 जनवरी को दर्ज किया गया है। वहीं जिला कलेक्टर के आदेश पर अस्पताल के डायरेक्टर अनिल जैन को तहसीलदार ने फर्जीवाड़े की 2 करोड़ 4 लाख 6818 रुपए की राशि जमा नहीं करने पर कुर्की का जो आदेश जारी किया था, उसे लेकर सदस्यों की गिरफ्तारी एवं कुर्की पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने रोक लगा दिया है।आज यह जानकारी लायस अस्पताल के अध्यक्ष पिंकेश पटोरिया ने पत्रकार वार्ता में दी। हालांकि एफआईआर दर्ज हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।
पिंकेश पटोरिया का आरोप था कि लायंस आई हॉस्पिटल को बंद करने के लिए एक साजिश के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है और विभाग के अधिकारियों के द्वारा जो जांच कार्यवाही की गई,वह एक तरफा की गई है।जिसकी पुन: निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है। लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई। जिसके बाद उच्च न्यायालय जबलपुर में अपील दायर की गई है। अध्यक्ष का कहना था कि लायंस आई हॉस्पिटल परासिया में गरीबों के मोतियाबिंद के ऑपरेशनों को लेकर लायंस इंटरनेशनल ने एक करोड़ 80 लाख की राशि दी है और वर्ष 1990 से लेकर अभी तक 40000 मोतियाबिंद के निशुल्क ऑपरेशन किए गए है। शासन की ओर से एक ऑपरेशन के लिए 2000 की राशि दी जाती है।जबकि अस्पताल को 3500 से लेकर 4500 रुपए तक का खर्चा आता है। पत्रकार वार्ता में पूरन राजलानी, आलोक जैन, हरिशंकर साहू एवं हरिशंकर पटेल उपस्थित थे।



