WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
क्राइममध्यप्रदेशराजनीतिसिवनी

अरबों की जमीन हड़प गये प्रभावशाली नेता, दरगाह अध्यक्ष का आरोप

ज्यारत दरगाह के अध्यक्ष शफीक पटेल एवं भाजपा अल्पसंख्यक नेता जरदारी ने लगाये आरोप

Seoni 14 February 2025
सिवनी यशो:- केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वक्फ बोर्ड की संपत्ति के भौतिक सत्यापन के आदेश जारी किये है । इस आदेश के बाद जिले में वक्फ की बड़ी संपत्ति शासकीय रिकार्ड में नहीं होने से समाज के जानकार शासन से मांग कर रहे है कि कूट रचित दस्तावेजो की जाँच कर वक्फ की संपत्ति हड़पने वालों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विधि अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये । दरगाह ज्यारत मोहम्मद शाह वली सिवनी के अध्यक्ष शफीक पटेल एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री मो. आशिफ जरदारी सहित समाज के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि राजपत्र 01 अप्रैल 1983 में प्रकाशित जमीन एवं शासकीय अन्य दस्तावेजो के साथ वक्फ बोर्ड भोपाल के रिकार्ड में दर्ज भूमियों की सूक्ष्मता से जाँच की जाये तथा वक्फ की जमीनों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया जाये ।

उन्होंने बताया है कि दरगाह ज्यारत मोहम्मद शाह वली के साथ जिले की अन्य दरगाहों की सैकड़ो एकड़ जमीनो पर प्रभावशाली व्यक्तियों ने राजस्व रिकार्ड में राजस्व अधिकारियों से सांठ गाँठ कर अतिक्रमण किया है और इन जमीनों को मोटी रकम लेकर अन्य व्यक्तियों को बेचा भी गया है । इसकी सूक्ष्मता से जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये तथा वक्फ की जमीनों को सुरक्षित किया जाये। वक्फ के रिकार्ड के अनुसार जो जमीने वक्फ की है उनकी खरीदी बिक्री एवं निर्माण कार्यो पर रेाक लगायी जाये ।

सिवनी बड़ी ज्यारत जिसे दरगाह मोहम्मद शाह वली ग्राम ज्यारत के नाम से जाना जाता है। दरगाह का पंजीयन क्रमांक 30 / 60 है, जिसकी वक्फ आई.डी. क्रमांक 400030 पर यह जमीन 143.955 हेक्टयर है। इसी प्रकार दरगाह पीर सम्राट शाह ज्यारत छपारा कलाँ राजपत्र पंजीयन क्रमांक 209 वक्फ आई डी क्रमांक 400020 में 78.506 हेक्टयर भूमि दर्ज है । जिनमें ईदगाह ग्राम ज्यारत राजपत्र क्रमांक 56, मस्जिद ग्राम ज्यारत राजपत्र क्रमांक 57, कब्रिस्तान राजपत्र क्रमांक 58 मौलवी हसन अली शाह राजपत्र क्रमांक 164 सीर दीवान, कब्रस्तान एवं मजार सूफी साहब राजपत्र क्रमांक 165 ग्राम सीर दीवान की भूमियाँ भी वर्तमान राजस्व रिकार्ड से गायब है । यह भूमियाँ शासकीय रिकार्ड से तो गायब है ही और भी वक्फ की भूमियाँ शासकीय रिकार्ड से गायब हो चुकी है । इन भूमियों को राजस्व और वक्फ के अधिकारी कर्मचारियों से सांठ गाँठ कर शासकीय रिकार्ड से गायब कराने के आरोप वक्फ से जुड़े रहे पदाधिकारियों और सामाजिक व्यक्तियों द्वारा लगाये जा रहे है ।

जानकार बताते है कि वक्फ की संपत्ति राजपत्र में प्रकाशित हुई है परंतु इन संपत्तियों को कांग्रेस शासन काल में प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा वक्फ एवं राजस्व के कर्मचारियों अधिकारियों से सांठ गांठ कर अपने स्वार्थ पूर्ति के लिये कब्जे में लेकर व्यक्तिगत नामों पर दर्ज करा ली गयी है ।

यहाँ बता दें कि शासन और वक्फ बोर्ड भोपाल से अनेक बार सिवनी वक्फ की जमीनों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने के निर्देश दिये परंतु आज दिनंाक तक प्रमाणित दस्तावेजो के बाद भी राजस्व रिकार्ड दुरूस्त नहीं किया गया और यहाँ वक्फ की जमीन पर सांठ गांठ कर प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपना नाम दर्ज कराकर जमीनों को खुर्द बुर्द करने का गोरखधंधा किया है ।

वक्फ कमेटी के पूर्व पदाधिकारियों एवं दरगाह कमेटियों के सदस्यों का कहना है कि जो शासकीय प्रमाणित दस्तावेज उनके पास मौजूद है उसके अनुसार वक्फ की सैकड़ो एकड़ जमीन प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा अपने नाम पर कराकर उनका व्यवसायिक उपयोग करते हुये उन्हें विक्रय कर दिया है । धार्मिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिये वक्फ की इन संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिये वक्फ बोर्ड, जिला प्रशासन और स्थानीय दरगाह कमेटियों की जिम्मेदारी है परंतु इन भूमियो पर नाजायज कब्जा होते रहा और राजस्व के जिम्मेदार तथा वक्फ बोर्ड भोपाल के कुछ कर्मचारी वक्फ जमीनो के रिकार्ड से छेड़छाड़ करते रहे है और वक्फ की जमीनों को भूमाफियाओ को सौपते रहे । बताते है कि वक्फ में एक लिपिक मोहम्मद जकरिया अंसारी जो लंबे समय से जबलपुर संभाग का काम देख रहे है वह सिवनी के वक्फ संबंधी भू माफियाओं से मधुर संबंध रखते है और भोपाल वक्फ बोर्ड में कोई शिकायत करने जाता है तो उसकी तत्काल जानकारी सिवनी उनके द्वारा भेज दी जाता है ।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!