सिवनी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज का दिव्य प्रवास
सिवनी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज का दिव्य प्रवास
द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियों को दे रहे अंतिम आध्यात्मिक स्वरूप
Seoni 16 February 2026
सिवनी यशो:- जिले की पुण्यभूमि इन दिनों आध्यात्मिक चेतना से आलोकित हो उठी है। सनातन धर्म की अखंड परंपरा के महान संवाहक,
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती महाराज का सिवनी जिले में पावन प्रवास चल रहा है।
इस दौरान वे द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य एवं दिव्य आयोजन की तैयारियों को अत्यंत सूक्ष्मता और आत्मिक भाव से स्वयं देख रहे हैं।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर गुरूरत्नेश्वर धाम में उनके सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान
अत्यंत भव्य, दिव्यता और शिवभक्ति से परिपूर्ण रहे। पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

गुरुदेव की तपोभूमि में नमन, ग्राम-ग्राम में गुरु चरणों की वंदना
पूज्य शंकराचार्य जी अपने आराध्य गुरुदेव ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की तपस्थली
के दर्शन हेतु भी पहुंचे। वहां से वापसी के दौरान सोमवार, 16 फरवरी को पौंड़ी ग्राम स्थित
प्रतिष्ठित राय परिवार में उनका दिव्य आगमन हुआ।
राय परिवार द्वारा श्रद्धा-भाव से पादुका पूजन कर गुरु चरणों की वंदना की गई।
महाराज श्री ने परिवारजनों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं को करुणामयी दृष्टि से आशीर्वाद प्रदान किया।
इसके पश्चात ग्राम गरठिया में पांडे परिवार के यहां भी आपश्री का पावन पदार्पण हुआ,
जहां भक्ति एवं श्रद्धा से पादुका पूजन संपन्न हुआ।
द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियों का गहन निरीक्षण
पूज्य शंकराचार्य जी सीलादेही स्थित सहज संतोष आश्रम में
द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का गहनता से निरीक्षण कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह दिव्य आयोजन
ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की पावन स्मृति और उनकी सदइच्छा का साकार स्वरूप है।
इसे भव्य और दिव्य बनाना हम सभी गुरु-भक्तों, श्रद्धालुओं एवं जिलेवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
21 फरवरी से प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का भव्य शुभारंभ होगा,
जिसमें संत, विद्वान और श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए दुर्लभ पावन अवसर
पूज्य स्वामी सदानंद जी महाराज 19 फरवरी तक सहज संतोष आश्रम में विराजमान रहेंगे।
इस अवधि में श्रद्धालु जगद्गुरु शंकराचार्य जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त 17 फरवरी को सिवनी नगर में आयोजित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भी
उनकी पावन उपस्थिति रहेगी।
सिवनी की भूमि पर गुरु-सानिध्य, शिव-भक्ति और सनातन चेतना का यह संगम
जन-जन के जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश का दीप प्रज्वलित कर रहा है।





