पेंच टाइगर रिजर्व में दर्दनाक घटना, कोर क्षेत्र में मिला युवक का क्षत-विक्षत शव
शेरगढ़ढ़ा जल स्रोत के पास मिला शव, पास ही बाघ की मौजूदगी से मची सनसनी
पेंच टाइगर रिजर्व घटना- गश्ती के दौरान सामने आई
Seoni 14 April 2026
सिवनी यशो:- दिनांक 13 अप्रैल 2026 को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के अंतर्गत वन परिक्षेत्र प्रतिबंधित कोर क्षेत्र, गेम रेंज गुमतरा, बीट नाहरझिर, कक्ष क्रमांक 1421 में नियमित गश्ती के दौरान एक दुखद घटना प्रकाश में आई।
गश्ती दल अपराह्न लगभग 3:30 बजे निर्धारित गश्त पर रवाना हुआ तथा संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए लगभग 4:45 बजे शेरगढ़ढ़ा नामक जल स्रोत के समीप पहुंचा।

खून के निशान से शुरू हुई सघन तलाशी
निरीक्षण के दौरान जल स्रोत के पास चट्टान पर रक्त के चिन्ह दिखाई देने पर संभावित अनहोनी की आशंका के मद्देनजर दल द्वारा आसपास क्षेत्र में सघन तलाशी ली गई।
150 मीटर दूर मिला क्षत-विक्षत शव
तलाशी के दौरान शेरगढ़ढ़ा से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव पाया गया। घटनास्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक बाघ भी देखा गया।
मृतक की पहचान, मानसिक स्थिति का उल्लेख
पेंच टाइगर रिजर्व घटना की सूचना तत्काल थाना चांद को दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान दिनेश पिता पुसू सेवतकर, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी ग्राम नाहरझिर के रूप में हुई है।
उक्त व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ था एवं प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। परिजनों को सूचना दे दी गई है।

मुआवजा प्रक्रिया और संवेदनशील पहल
भले ही पेंच टाइगर रिजर्व घटना प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में प्रवेश के दौरान घटित हुई है लेकिन मानवीय दृष्टिकोण एवं संवेदनशीलता के भाव के साथ पेंच प्रबंधन द्वारा मुआवजा संबंधी कार्यवाही शीघ्र की जा रही है।
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए चल रहे जागरूकता अभियान
- बफर क्षेत्र के ग्रामों में “बाघ चौपाल” आयोजित कर ग्रामीणों को वन्यजीव व्यवहार एवं सावधानियों की

- जानकारी दी जा रही है।
- 126 से अधिक इको विकास समितियों में बैठके आयोजित कर संरक्षण एवं संघर्ष निवारण पर चर्चा की जा रही है।
- “सयाने मोगली की साइकिल ” के माध्यम से घूम घूम कर निरंतर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
- हाथियों से बाघ विचरण क्षेत्र में गश्त की जा रही है।
- मोशन सेंसर एवं AI कैमरों से बाघ-तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के प्रयास
इन प्रयासों से ग्रामीणों में सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रयासरत है तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी लाने में सहायता मिल रही है।
कोर क्षेत्र में प्रवेश करना जानलेवा हो सकता है, वन विभाग की गाइडलाइन का पालन करें।





