ऐतिहासिक पल: नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा सत्र की साक्षी बनीं छिंदवाड़ा की महिला जनप्रतिनिधि
लोकसभा में देखी लोकतंत्र की ताकत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा सत्र – छिंदवाड़ा की महिला प्रतिनिधियों ने देखा ऐतिहासिक पल
Chhindwara 17 April 2026
छिंदवाड़ा यशो:-नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा सत्र के दौरान छिंदवाड़ा जिले की महिला जनप्रतिनिधियों ने संसद की कार्यवाही को करीब से देखा। यह अवसर जिले के लिए गर्व और महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक क्षण बन गया।
लोकसभा में देखा ऐतिहासिक सत्र
लोकसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा सत्र के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान जिले की 5 महिला जनप्रतिनिधि सदन की दर्शक दीर्घा में मौजूद रहीं और उन्होंने इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को नजदीक से देखा।
महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह कानून देश में महिला नेतृत्व को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन महिला जनप्रतिनिधियों को मिला ऐतिहासिक अवसर
बंटी विवेक साहू की पहल पर जिले की 5 प्रमुख महिला जनप्रतिनिधियों का चयन किया गया, जिनमें शामिल हैं—
- श्रीमती किरण खातरकर (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद दमुआ)
- श्रीमती सविता भोसम (अध्यक्ष, जनपद पंचायत जुन्नारदेव)
- श्रीमती सरोज रघुवंशी (अध्यक्ष, जनपद पंचायत चौरई)
- श्रीमती ज्योति डेहरिया (पूर्व जिला पंचायत सदस्य, परासिया विधानसभा प्रभारी)
- श्रीमती प्रीति तिवारी (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद अमरवाड़ा)
महिला नेतृत्व को मिलेगा नया आयाम
महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों माताओं-बहनों के सपनों को साकार करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका को व्यापक रूप से बदल देगा।





