राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेम तिवारी ने दी तीखी प्रतिक्रिया
“हार की हताशा और सत्ताहीनता की बोखलाहट ने राहुल गांधी को मानसिक रूप से विक्षिप्त बना दिया”

सिवनी यशो :- हार की हताशा और सत्ताहीनता की बोखलाहट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानसिक रूप से विक्षिप्त बना दिया है। वे सत्ता न होने की तिलमिलाहट में अब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं देश के गृहमंत्री अमित शाह को गद्दार जैसे ओछे शब्दों से संबोधित करके अपनी संस्कारहीन राजनीति का परिचय दे रहे हैं।
राहुल गांधी के बयान पर प्रेम तिवारी की प्रतिक्रिया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के गतदिवस दिये गये उक्त बयान पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेम तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्री राहुल गांधी जिस परिवार में जन्म लिए हैं और जिनके परिवार के संस्कार देशहित से जुड़े ना रहे हों उनसे ऐसी ही विकृत मानसिकता और कुत्सित सोच की अपेक्षा की जा सकती है।
“गांधी परिवार की अनेक भूलों का खामियाजा देश आज तक भुगत रहा”
श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि श्री राहुल गांधी जिस परिवार में पैदा हुए हैं वहां पीढ़ी दर पीढ़ी कई प्रधानमंत्री रहे हैं। इतिहास साक्षी है कि उनकी अनेक भूलों का खामियाजा देश आज तक भुगत रहा है और अपने इन कारनामों को कभी भी गांधी परिवार ने देश विरोधी नहीं माना है। अतः ऐसी परवरिश में श्री राहुल गांधी से कोई और उम्मीद की भी नहीं जा सकती।
ऐतिहासिक निर्णयों और घटनाओं का किया उल्लेख
गांधी खानदान की ऐतिहासिक भूलों का जिक्र करते हुए श्री प्रेम तिवारी द्वारा कहा गया कि, जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाया। उसके बाद पाकिस्तान को झेलम और चिनाब नदी का 80 प्रतिशत पानी दे दिया। 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय एयरफोर्स को चीन पर हमला करने का आदेश नहीं दिया। तिब्बत को मान्यता नहीं दी बल्कि चीन को मान्यता दे दी।
क्या यह देश के साथ गद्दारी नहीं थी? लेकिन फिर भी वे गद्दार नहीं माने जाते। इंदिरा गांधी ने संसद के रिकॉर्ड में पाकिस्तान को न्यूक्लियर डिटेल्स देने की बात कही। उन्होंने इमरजेंसी लगाई और ऑपरेशन ब्लू स्टार करवाकर सिखों की भावनाओं का अपमान किया। उनके बाद 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों में दस हजार से ज्यादा सिखों को मार दिया गया। फिर भी इसे उपलब्धि माना जाता है, गद्दारी नहीं।
राजीव गांधी, सोनिया गांधी और यूपीए शासनकाल पर भी साधा निशाना
श्री तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी ने बोफोर्स घोटाला किया, प्रभाकरन को हथियार दिए, फिर उसी के खिलाफ ऑपरेशन कर दिया। जब प्रभाकरन ने उनकी हत्या कर दी तो कहा कि गद्दारी का बदला ले लिया। सोनिया गांधी सुपर प्रधानमंत्री बनीं। चीन के साथ कांग्रेस पार्टी का समझौता करवाया। यूपीए के शासनकाल में 2010 में 78 आतंकवादियों को रिहा किया गया, जिन्होंने बाद में बड़े हमले किए। फिर भी इसे गद्दारी नहीं माना जाता।
“देश की संस्थाओं को विदेश में जाकर बदनाम करना कांग्रेस की प्रवृत्ति”
श्री तिवारी ने आगे कहा कि राहुल गांधी की ओर से कभी पेगासस, कभी हिंडनबर्ग, कभी देश की संस्थाओं को विदेश में जाकर बदनाम करना जारी रहा। आज मैं देश की जनता और खासकर कांग्रेसियों से अपील करता हूं, इन लोगों को नेता मानना बंद कर दीजिए। ये देश के लिए नासूर हैं। इन्हें नेता मानकर आप देश की सेवा नहीं बल्कि देश की हानि कर रहे हैं।



