21 वर्ष बाद फिर से शुरू हो रही राज्य परिवहन सेवा:
रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, अब मिलेगा आधुनिक और सुरक्षित सफर
21 साल बाद MP में फिर शुरू होगी राज्य परिवहन सेवा, रक्षाबंधन पर सौगात : रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त/सुगम यात्रा का तोहफा
Bhopal 02 June 2026
भोपाल यशो:- मध्यप्रदेश में लगभग 21 वर्ष बाद राज्य परिवहन सेवा एक नए और आधुनिक स्वरूप में फिर से शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित बनाना है।
रक्षाबंधन के अवसर पर इस योजना की शुरुआत महिलाओं के लिए विशेष रूप से राहत और सुविधा का बड़ा कदम मानी जा रही है।
आधुनिक स्वरूप में लौटेगी बस सेवा
सरकार द्वारा शुरू की जा रही यह नई व्यवस्था पुरानी राज्य परिवहन सेवा का आधुनिक संस्करण है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध संचालन को प्राथमिकता दी जा रही है।
करीब दो दशकों बाद यह सेवा नए ढांचे, नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ पुनः सक्रिय हो रही है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
राज्य में सुरक्षित और व्यवस्थित बस सेवा का विस्तार
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी
खतरनाक लोडिंग वाहनों पर निर्भरता खत्म करना
महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का विकल्प देना
सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और टिकाऊ बनाना
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य परिवहन सेवा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवनरेखा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में यह व्यवस्था कमजोर हुई थी, लेकिन अब सरकार इसे आधुनिक तकनीक और मजबूत नेटवर्क के साथ पुनः शुरू कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रदेश में सड़कों के विस्तार के साथ-साथ बस सेवाओं को भी चरणबद्ध तरीके से पुनर्जीवित कर रही है, ताकि हर नागरिक को सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सके।
रक्षाबंधन पर विशेष शुरुआत
रक्षाबंधन के अवसर पर यह सेवा महिलाओं के लिए खास महत्व रखती है। सरकार की कोशिश है कि:
बहनों को सुरक्षित बस यात्रा उपलब्ध हो
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक आसान आवागमन हो
असुरक्षित वाहनों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो
21 वर्ष बाद राज्य परिवहन सेवा का यह पुनः शुभारंभ मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि इसे आधुनिक, सुरक्षित और जनहितकारी स्वरूप भी देगी।



