बिना प्रोटोकॉल पुल लोकार्पण पर बवाल, विधायक बोले – ‘यह मनमानी है’
प्रशासन ने बताया: कोई आधिकारिक लोकार्पण कार्यक्रम नहीं था, सांसद और जिला प्रशासन को भी नहीं थी जानकारी
भीमगढ़ पुल लोकार्पण विवाद – विधायक रजनीश सिंह ने कहा – “यह पूरी तरह मनमानी है”
Seoni 02 June 2026
सिवनी / छपारा यशो:- विकासखंड अंतर्गत भीमगढ़ ग्राम स्थित बैनगंगा नदी पर बने नवनिर्मित बहुप्रतीक्षित पुल के कथित लोकार्पण को लेकर क्षेत्रीय राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बिना प्रशासनिक अनुमति और शासकीय प्रोटोकॉल के हुए इस कार्यक्रम ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में लगातार बारिश के कारण संजय सरोवर बांध के गेट खोले जाने से भीमगढ़ और सुनवारा के बीच बना पुराना पुल तेज बहाव में बह गया था। इसके बाद लंबे समय तक आवागमन प्रभावित रहा। वर्ष 2023 में तत्कालीन विधायक द्वारा इस स्थान पर भूमि पूजन किया गया था, जिसके बाद अब जाकर नया पुल तैयार हुआ है।
इसी बीच 01 जून को पूर्व विधायक राकेश पाल सिंह द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बाजे-गाजे के बीच नवनिर्मित पुल का फीता काटकर कथित रूप से लोकार्पण किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
विधायक का तीखा विरोध
वर्तमान केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे “सरासर मनमानी” बताते हुए कहा कि बिना प्रशासनिक अनुमति और तय सरकारी प्रोटोकॉल के इस प्रकार का लोकार्पण पूरी तरह नियम विरुद्ध है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा—
“यह पुल सरकारी धन से निर्मित है, किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं है। ऐसे में बिना निर्धारित प्रक्रिया के लोकार्पण करने का अधिकार किसने दिया?”
प्रशासन और सांसद को नहीं थी जानकारी
विधायक ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की, जिसमें सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और जिला प्रशासन स्तर पर भी किसी आधिकारिक लोकार्पण कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी।
प्रशासन की स्पष्टता
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सिवनी महाप्रबंधक प्रतिभा मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से कोई भी लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई।
क्षेत्र में सियासी गर्मी
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और मामला सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय चर्चाओं तक सुर्खियों में बना हुआ है।



