लोकतंत्र के मूल्यों को समर्पित प्रेरणादायी क्षण: लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल में लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में पुष्पवर्षा कर किया सम्मान, तीर्थाटन स्पेशल ट्रेन, नि:शुल्क इलाज, एयर एंबुलेंस सहित कई बड़ी घोषणाएं
लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन – CM Mohan Yadav News: लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, तीर्थाटन स्पेशल ट्रेन और कई बड़ी घोषणाएं
Bhopal 26 June 2026
भोपाल यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यदि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र बनकर खड़ा है तो इसके पीछे लोकतंत्र सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के काले दौर में जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहीं, वे राष्ट्र के सच्चे नायक हैं। प्रदेश सरकार उनके सम्मान और कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

उन्होंने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय शांतिलाल संघवी तथा पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का विशेष सम्मान किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
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‘आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस समय लोगों को बिना किसी अपराध के गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया जाता था।

न अपील, न दलील और न ही न्याय की कोई उम्मीद रहती थी। परिवार बिखर जाते थे, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे।
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उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों पर कांग्रेस में शामिल होने और इंदिरा गांधी के समर्थन का दबाव बनाया जाता था, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों ने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उसी संघर्ष का परिणाम है कि आज देश में लोकतंत्र पूरी मजबूती के साथ स्थापित है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संविधान का सबसे अधिक दुरुपयोग कांग्रेस ने ही किया है। आज संविधान की दुहाई देने वाले वही लोग हैं जिन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा एक परिवार की राजनीति को आगे बढ़ाया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष देश के लिए गौरव का विषय है और संघ ने हर संकट में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है।

लोकतंत्र सेनानियों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में लोकतंत्र सेनानियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएगी।
- प्रदेश के सभी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी।
- लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क उपचार और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
- दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के गांवों में शिलालेख स्थापित किए जाएंगे।
- उनके नाम पर पार्क, सड़क और खेल मैदानों का नामकरण किया जाएगा।
- ताम्रपत्र से वंचित लोकतंत्र सेनानियों को भी शीघ्र सम्मानित किया जाएगा।
- लोकतंत्र सेनानियों के सुझावों को शासन की नीतियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
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मीसाबंदियों के संघर्ष को किया याद
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने आपातकाल की पीड़ा को बहुत करीब से देखा है। उनके पिता भी मीसाबंदी रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का महत्व भली-भांति समझते हैं।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की यह परंपरा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान दर्जा देने और सम्मान राशि को आयकर मुक्त करने की मांग भी रखी।
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लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल संविधान की किताबों से नहीं, बल्कि उसके लिए संघर्ष करने वाले लोगों के साहस और बलिदान से जीवित रहता है। प्रदेश सरकार ऐसे सभी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
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