जल संकट पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, जिलाध्यक्ष शेषराव यादव बोले— समन्वय होता तो छिंदवाड़ा को इतनी बड़ी कीमत नहीं चुकानी पड़ती
कमलनाथ द्वारा तीन टैंकर उपलब्ध कराने को बताया प्रतीकात्मक कदम, कहा— जनता को प्रचार नहीं, प्रभावी समाधान चाहिए।
छिंदवाड़ा जल संकट: भाजपा का कांग्रेस पर हमला, शेषराव यादव बोले- समन्वय होता तो जनता को इतनी कीमत नहीं चुकानी पड़ती
Chhindwara 05 July 2026
छिंदवाड़ा यशो:- छिंदवाड़ा में पेयजल संकट को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि यदि संकट की घड़ी में कांग्रेस ने प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग किया होता, तो छिंदवाड़ा की जनता को जल संकट की इतनी बड़ी कीमत नहीं चुकानी पड़ती।
यह भी पढ़े :- तामिया की वादियों में सजेगा सावन महोत्सव, कलेक्टर बोले— पर्यटकों के लिए बनेगा अविस्मरणीय अनुभव
भाजपा जिलाध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि छिंदवाड़ा की जनता दिखावे और श्रेय की राजनीति नहीं, बल्कि संकट के समय जवाबदेह, संवेदनशील और परिणाम देने वाला नेतृत्व चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण जल संकट के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ द्वारा केवल तीन पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर उसे जनसेवा का बड़ा उदाहरण बताया जाना वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
‘पहले से थे 65 टैंकर, फिर तीन टैंकरों का प्रचार क्यों?’
शेषराव यादव ने दावा किया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार नगर पालिका निगम छिंदवाड़ा के पास पहले से लगभग 65 पानी के टैंकर उपलब्ध थे।
ऐसे में केवल तीन अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराकर उसका व्यापक प्रचार करना उचित नहीं कहा जा सकता।
यह भी पढ़े :-छिंदवाड़ा से मैहर तक धार्मिक पदयात्रा पर निकले सांसद बंटी विवेक साहू, सिवनी में हुआ आत्मीय स्वागत
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन टैंकरों को जनसेवा के नाम पर उपलब्ध कराया गया, उनके संचालन के लिए आवश्यक ट्रैक्टरों की व्यवस्था नहीं की गई।
उनका कहना है कि यदि उद्देश्य वास्तव में जनता को राहत पहुंचाना होता तो टैंकरों के संचालन और प्रभावित क्षेत्रों तक नियमित जलापूर्ति की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाती।
‘जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल बयान देना नहीं’
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि संकट के समय जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल बयान देने या प्रतीकात्मक कदम उठाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं की निगरानी करना और जनता को राहत दिलाने के लिए सक्रिय नेतृत्व करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा के विधायक होने के नाते कमलनाथ से जनता की अपेक्षाएं अधिक थीं, लेकिन उनके अनुसार उस स्तर का नेतृत्व संकट के दौरान दिखाई नहीं दिया।
समाचार प्रकाशित किए जाने तक भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस अथवा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


