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बालाघाट में बाघ नदी का रौद्र रूप: हाईलेवल पुल निर्माण स्थल से जेसीबी सहित वाहन बहे, प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का कहर

चार दिन की लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया

बालाघाट बाघ नदी जेसीबी बही – तेज बहाव में बही जेसीबी और वाहन, मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर।

बालाघाट/भोपाल यशो:- मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बालाघाट जिले में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी बीच किरनापुर-लांजी क्षेत्र की बाघ नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन हाईलेवल पुल पर कार्य में लगी जेसीबी मशीन एवं अन्य वाहन तेज बहाव में बह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बालाघाट की बाघ नदी में बाढ़ के तेज बहाव में हाईलेवल पुल निर्माण कार्य में लगी जेसीबी और अन्य वाहन बहते हुए।
बालाघाट के किरनापुर-लांजी क्षेत्र में बाघ नदी का जलस्तर बढ़ने से हाईलेवल पुल निर्माण कार्य में लगी जेसीबी और अन्य वाहन तेज बहाव में बह गए। घटना के दौरान सभी कर्मचारी सुरक्षित रहे।

बाघ नदी में बढ़ा जलस्तर, निर्माण स्थल पर मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार बाघ नदी पर ग्राम अंधिया टोला और गल्लटोला के बीच लगभग 150 मीटर लंबे हाईलेवल पुल का निर्माण किया जा रहा है। करीब 10.17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के निर्माण कार्य में लगी मशीनें नदी किनारे खड़ी थीं। लगातार बारिश के चलते नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे जेसीबी सहित निर्माण कार्य में लगे अन्य वाहन तेज बहाव में बह गए।

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हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय निर्माण स्थल पर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

महाप्रबंधक बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित

निर्माण एजेंसी के महाप्रबंधक तविंदरसिंह जोहरे ने बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण मशीनों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा नदी का जलस्तर कम होने के बाद मशीनों को निकालने का प्रयास किया जाएगा।

प्रदेश के कई जिलों में बारिश बनी आफत

बालाघाट के अलावा उज्जैन, बुरहानपुर, शाजापुर, खरगोन, पांढुर्णा, श्योपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार वर्षा से हालात बिगड़ गए हैं। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं, पुलों पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है तथा कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।

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श्योपुर के सिरवेल महादेव क्षेत्र में कुंदा झरना पूरे वेग से बह रहा है, जबकि शाजापुर में काली सिंध नदी उफान पर है। बुरहानपुर में ताप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

10 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल के अनुसार प्रदेश में 10 जुलाई तक कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा, गरज-चमक, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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मौसम विभाग ने रतलाम, धार, बड़वानी, शाजापुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, कटनी, पन्ना, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में 100 से 200 मिमी तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। अनावश्यक यात्रा से बचें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

https://mausam.imd.gov.in/hindinew/imd_latest/contents/monsoonhi.php

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