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लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण की क्रांतिकारी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपये की 38वीं किश्त अंतरित, भिंड को 322 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात, जल्द शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: 1.25 करोड़ बहनों को ₹1835 करोड़, सीएम मोहन यादव ने की बड़ी घोषणाएं

भिंड/भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी की
भिंड के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का माध्यम भी बनी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाना केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी की
भिंड के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भिंड जिले के लहार में आयोजित लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के बैंक खातों में योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1835 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। साथ ही उन्होंने भिंड जिले को 322 करोड़ रुपये लागत के 56 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें चार नवीन सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने लहार महाविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाओं के विस्तार की घोषणा भी की।

महिलाओं को आर्थिक ही नहीं, सामाजिक रूप से भी सशक्त बना रही है लाड़ली बहना योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी स्वरूप माना गया है। महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं और उनके सशक्त होने से पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी की
भिंड के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए।

उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों में कर रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास और सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

ग्राम पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि महिलाएं ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक हर स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभाएं। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ महिलाओं के लिए लगातार नई योजनाएं और अवसर उपलब्ध करा रही है। महिला सशक्तिकरण केवल एक योजना नहीं बल्कि सरकार की प्राथमिक सोच और नीति है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा होगी शुरू

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में शीघ्र ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और नियमित परिवहन व्यवस्था लंबे समय से आवश्यक थी। सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और जल्द ही यह सेवा प्रदेशभर में शुरू होगी।

भिंड और ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड जिले में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। कभी बीहड़ों के कारण चर्चित रहने वाला यह क्षेत्र अब विकास, शिक्षा, उद्योग और आधारभूत सुविधाओं के लिए नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, उद्योग और रक्षा क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी आधुनिक मिसाइल निर्माण इकाई की पहल पूरे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी।

किसानों, युवाओं और गरीबों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए संकल्पित है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी की जा रही है। गौशालाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।

सांदीपनि विद्यालयों से शिक्षा के साथ संस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड जिले में चार नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और समानता का संस्कार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा का केंद्र रहे महर्षि सांदीपनि के नाम पर इन विद्यालयों की स्थापना विद्यार्थियों को आदर्श जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास है।

इसी माह लागू करने की तैयारी में समान नागरिक संहिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। विभिन्न संगठनों, विशेषज्ञों और नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए जा चुके हैं और इसी माह इसके क्रियान्वयन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

गीता भवन और वृंदावन ग्राम की संकल्पना होगी साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

हितग्राहियों को वितरित किए हितलाभ, बहनों पर की पुष्पवर्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ वितरित किए तथा जनकल्याणकारी योजनाओं, पोषण, हाईटेक हॉर्टिकल्चर, स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लाड़ली बहनों का पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया गया।

दंदरौआ सरकार धाम में की पूजा-अर्चना

भिंड प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेहगांव तहसील स्थित प्रसिद्ध दंदरौआ सरकार धाम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आस्था केंद्र समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

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