छिंदवाड़ा की आदर्श गौशाला में 14 दिन में 41 गायों की मौत, लापरवाही पर घिरे निगम और पशु चिकित्सा विभाग
मृत गौवंश का पोस्टमार्टम नहीं, समय पर इलाज न मिलने के आरोप; कांग्रेस बोली– जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो, शिवसेना ने गंदगी को बताया मौत की वजह
Chhindwara Gaushala News: आदर्श गौशाला में 14 दिन में 41 गायों की मौत, निगम और पशु चिकित्सा विभाग पर उठे सवाल
Chhindwara 15 July 2026
छिंदवाड़ा यशो:- शहर की आदर्श गौशाला, पाठाढाना में गौवंश की लगातार हो रही मौतों ने नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 14 दिनों में 41 गायों की मौत होने का दावा किया गया है।
आरोप है कि मृत पशुओं का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया और बीमार गायों को समय पर उपचार भी नहीं मिला।
लगातार हो रही मौतों के बाद गौशाला की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है।
इलाज नहीं मिलने से हुई मौतें?
स्थानीय लोगों और गौसेवकों का आरोप है कि गौशाला में बीमार गौवंश को कई दिनों तक समुचित उपचार नहीं मिला।
आरोप है कि पशु चिकित्सा विभाग द्वारा नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे बड़ी संख्या में गौवंश की मौत हुई। दूसरी ओर विभाग का कहना है कि कई गायों के पेट से पॉलीथीन मिलने की आशंका है और इसी कारण उनकी मौत हुई।
हालांकि, मृत गौवंश का पोस्टमार्टम नहीं होने से मौत के वास्तविक कारणों पर सवाल बने हुए हैं।
गौशाला में गंदगी, चारे और पानी की कमी के आरोप
गौशाला में फैली गंदगी, जलभराव, अपर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल की कमी को भी गौवंश की मौतों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण परिसर में कीचड़ और गोबर जमा होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
कांग्रेस ने निगम पर साधा निशाना
जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश कपाले ने आरोप लगाया कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी गौशाला की स्थिति सुधारने के बजाय जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, नियमित पशु चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई की मांग की गई है।
कांग्रेस ने मांग की है कि यदि किसी गौवंश की लापरवाही के कारण मृत्यु होती है तो संबंधित निगम अधिकारियों, कर्मचारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
गौशाला के नाम पर अनियमितताओं के आरोप
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि गौशाला के संचालन पर हर माह लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन व्यवस्थाएं धरातल पर नजर नहीं आतीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिवसेना ने गंदगी को बताया मौतों की वजह
शिवसेना ने गौशाला में फैली गंदगी और जलभराव को गौवंश की मौत का प्रमुख कारण बताया है। शिवसेना प्रमुख नितिन राय ने कहा कि संगठन की एक टीम गौसेवकों के साथ गौशाला पहुंचकर सफाई अभियान चलाएगी और प्रशासन से स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग करेगी।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल
लगातार हो रही गौवंश की मौतों के बीच यह सवाल भी उठ रहे हैं कि गौ संरक्षण की बात करने वाले जनप्रतिनिधि और समाजसेवी संगठन अब तक प्रभावी पहल क्यों नहीं कर पाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर चारा, दवाइयां और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो कई गौवंश की जान बचाई जा सकती थी।
जांच और जवाबदेही की मांग तेज
लगातार हो रही मौतों के बाद अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, मृत गौवंश की मौत के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नोट: इस समाचार में उपचार में लापरवाही, चारे की कमी, वित्तीय अनियमितता तथा अन्य आरोप कांग्रेस नेताओं, शिवसेना, स्थानीय लोगों और अन्य स्रोतों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग का विस्तृत पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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