सिंदरिया सोसायटी में प्रशासक बदला, दिलीप राय के इस्तीफे से उठे कई सवाल
अध्यक्ष से प्रशासक तक लंबी पारी के बाद दिया इस्तीफा, कर्मचारियों की मनमानी और नोटिसों से बढ़ी थी नाराजगी!
सिंदरिया सोसायटी में प्रशासक बदला, दिलीप राय के इस्तीफे से उठे सवाल; 2012 से चुनाव का इंतजार
Seoni 29 August 2026
सिवनी यशो:- बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित सिंदरिया (मोहगांव), पंजीयन क्रमांक 166 में आखिरकार प्रशासक बदल दिया गया है। तत्कालीन अशासकीय प्रशासक दिलीप राय द्वारा 25 अगस्त 2026 को स्वेच्छा से इस्तीफा दिए जाने के बाद संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं सिवनी जी.एस. डहेरिया ने उप अंकेक्षक सहकारिता डी.के. डहेरिया को नया प्रशासक नियुक्त किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
हालांकि प्रशासनिक आदेश में दिलीप राय के इस्तीफे का कारण केवल उनका स्वैच्छिक त्यागपत्र बताया गया है, लेकिन समिति से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार राय पहले समिति के अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए थे। कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई और इस तरह लंबे समय तक वे समिति के कामकाज में प्रमुख भूमिका में रहे।
कर्मचारियों से खींचतान बनी परेशानी?
जानकारी के अनुसार समय बीतने के साथ समिति के कुछ कर्मचारियों के साथ तत्कालीन प्रशासक के संबंधों में तल्खी बढ़ती गई। बताया जाता है कि कर्मचारी उनके निर्देशों का अपेक्षित रूप से पालन नहीं कर रहे थे और समिति के कामकाज को लेकर कई तरह की शिकायतें एवं सवाल सामने आने लगे थे।
इसी दौरान समिति के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन प्रशासक को नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि इन कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच अथवा सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगा।
बताया जाता है कि कर्मचारियों के साथ लगातार बढ़ते विवाद और कामकाज को लेकर पैदा हो रही परिस्थितियों से परेशान होकर दिलीप राय ने पद पर बने रहने के बजाय त्यागपत्र देना उचित समझा। उन्होंने 25 अगस्त को अपना इस्तीफा प्रस्तुत कर दिया।
इस्तीफे के बाद खाली हुई कुर्सी, अब डीके डहेरिया संभालेंगे मोर्चा
प्रशासक के पद से राय के हटने के बाद समिति का कामकाज प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए सहकारिता विभाग ने तत्काल नया प्रशासक नियुक्त कर दिया।
संयुक्त पंजीयक जी.एस. डहेरिया के आदेश के मुताबिक डी.के. डहेरिया को निर्देश दिए गए हैं कि वे निवर्तमान प्रशासक से समिति का संपूर्ण प्रभार तत्काल प्राप्त कर कार्यभार ग्रहण करें और खाद वितरण, कृषि ऋण वसूली, कर्मचारियों के वेतन आहरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित संस्था के दैनिक एवं प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करें।
2013 से सहकारी समितियों के चुनाव का इंतजार
सिंदरिया सोसायटी के घटनाक्रम से बड़ा सवाल सहकारिता क्षेत्र में लंबे समय से अटके चुनावों को लेकर भी खड़ा होता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 से सहकारी संस्थाओं में चुनाव नहीं हुए हैं।
एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सहकारी समितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी है। इस मामले में न्यायालय द्वारा भी विभिन्न अवसरों पर चुनाव कराने के संबंध में आदेश दिए जाने की बात सामने आती रही है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
नतीजा यह है कि लंबे समय से अनेक सहकारी संस्थाओं का संचालन प्रशासकीय व्यवस्था के भरोसे चल रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक चुनाव कब होंगे और निर्वाचित समितियां कब वापस लौटेंगी?
सिर्फ प्रशासक बदलने से सुधरेगा कामकाज?
सिंदरिया सोसायटी में प्रशासक बदलने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती संस्था के कामकाज को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। खाद वितरण से लेकर कृषि ऋण वसूली और पीडीएस जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं सीधे किसानों और आम उपभोक्ताओं से जुड़ी हैं।
नए प्रशासक के सामने न केवल लंबित कार्यों को पटरी पर लाने की चुनौती होगी, बल्कि समिति में चल रही कथित अनियमितताओं और कर्मचारियों से जुड़े विवादों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना भी महत्वपूर्ण होगा। अब देखना होगा कि डी.के. डहेरिया के कार्यभार संभालने के बाद समिति का कामकाज किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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