शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग
पुरानी पेंशन बहाली, ई-अटेंडेंस समाप्त करने सहित कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
शिक्षक पात्रता परीक्षा विरोध में कर्मचारी संघ का ज्ञापन, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट की मांग
chhindwara 08 September 2026
छिंदवाड़ा यशो:- मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेशभर में विकासखंड एवं तहसील स्तर पर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ एवं अमरवाड़ा में भी कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग
मोहखेड़ में मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए वर्ष 2010 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की मांग की। संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के संबंध में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
जनपद पंचायत मोहखेड़ परिसर में संगठन के जिला सचिव अरविंद भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष एच.आर. महोबे, सचिव रामाजी पाठे एवं कोषाध्यक्ष संतोष डोंगरे के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया।
पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मांगें
कर्मचारी संघ ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा के अलावा कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। इनमें पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करने, ग्रेच्युटी की सीमा केंद्र सरकार के समान 25 लाख रुपये किए जाने तथा प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान का लाभ देने, दो से अधिक संतान संबंधी बाध्यता वाले आदेश को निरस्त करने तथा स्थाई कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग भी की गई।
पंचायत सचिव और कृषि विस्तार अधिकारियों की समस्याएं उठाईं
ज्ञापन में पंचायत सचिवों का संविलियन पंचायत विभाग में किए जाने तथा कृषि विस्तार अधिकारियों की वेतन विसंगति का उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार निराकरण करने की मांग की गई।
शिक्षकों के संबंध में सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग भी संगठन ने उठाई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
कर्मचारी संघ ने महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत संविदा पर्यवेक्षकों को नियमित करने तथा पर्यवेक्षकों की वेतन विसंगति का निराकरण करने की मांग रखी।
इसके अलावा वाहन चालकों की नियमित भर्ती करने, पदनाम परिवर्तित करने तथा टैक्सी प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
परिवार पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों में बदलाव की मांग
संघ ने परिवार पेंशन के लिए निर्धारित 33 वर्ष की सेवा अवधि को घटाकर 25 वर्ष किए जाने की मांग की। वहीं विभिन्न विभागों में अनुकंपा नियुक्ति की जटिल शर्तों को सरल करने की मांग भी शासन के समक्ष रखी गई।
इसके साथ ही भृत्य पद का नाम परिवर्तित कर कार्यालय सहायक किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
अमरवाड़ा में भी शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में सौंपा ज्ञापन
अमरवाड़ा नगर में भी मंगलवार शाम करीब 5 बजे मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारी एवं शिक्षक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां एसडीएम हेमकरण धुर्वे को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
शिक्षकों ने शासन द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने संबंधी आदेश का विरोध करते हुए मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
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