छपारा में रेलवे नौकरी के नाम पर 4.90 लाख की ठगी का आरोप
छपारा यशो :- सरकारी नौकरी की चाहत युवाओं के लिए ठगों का नया हथियार बनती जा रही है। छपारा थाना क्षेत्र में एक बार फिर ठगी का मामला सामने आया है, जहां रेलवे में टीसी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से करीब 4 लाख 90 हजार रुपये ऐंठने का आरोप जबलपुर निवासी पति-पत्नी पर लगा है। पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि कुछ दिन पहले इसी थाना क्षेत्र में एक व्यापारी से करीब 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था, जिसे छपारा पुलिस ने कुशलता से सुलझाते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई थी। अब सामने आए इस नए मामले ने एक बार फिर ठगी करने वालों के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी नौकरी का सपना दिखाया, पहले 50 हजार से शुरू हुआ खेल
पुलिस को दी शिकायत में 24 वर्षीय प्रतीक ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के सिलसिले में जबलपुर गया था। वहां उसकी पहचान सतीश सागर और उसकी पत्नी सीवा सागर से हुई।
शिकायत के अनुसार, सतीश ने दावा किया कि वह और उसकी पत्नी पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। इसके बाद रेलवे में टीसी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया गया। कथित तौर पर पहले 5 लाख रुपये और ज्वाइनिंग के बाद 3 लाख रुपये देने की बात कही गई।
शुरुआत में 50 हजार रुपये देने को कहा गया और इसे नौकरी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी बताया गया।
व्हाट्सऐप पर आया मेडिकल कॉल लेटर, दिल्ली तक पहुंचा युवक
पीड़ित के अनुसार, पैसे लेने के बाद उसके नाम का कथित मेडिकल कॉल लेटर व्हाट्सऐप पर भेजा गया। इसके बाद वह 23 फरवरी को मेडिकल कराने दिल्ली पहुंचा।
शिकायत के मुताबिक, वहां एक युवक उसे अस्पताल लेकर गया, जहां ब्लड और यूरिन के सैंपल लिए गए तथा मेडिकल से संबंधित कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उसे बताया गया कि आगे की प्रक्रिया सतीश सागर बताएगा।
यानी ठगी का कथित खेल केवल फोन पर भरोसा दिलाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मेडिकल और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया का भरोसा पैदा करने के लिए बाकायदा पूरा माहौल तैयार किया गया।
1.70 लाख नकद, फिर 2 लाख और—कुल रकम पहुंची 4.90 लाख
प्रतीक का आरोप है कि 28 फरवरी को सतीश ने फोन कर बताया कि उसका लगभग पूरा काम हो चुका है और जल्द ज्वाइनिंग लेटर मिलने वाला है। इसके बाद सतीश और उसकी पत्नी उसके घर पहुंचे, जहां 1.70 लाख रुपये नकद दिए गए।
इसके बाद कथित रूप से ज्वाइनिंग के नाम पर जल्द रकम देने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने आगे 2 लाख रुपये और दिए। इस तरह अलग-अलग माध्यमों से दी गई रकम करीब 4.90 लाख रुपये तक पहुंच गई।
ज्वाइनिंग लेटर आया नहीं, फोन उठना भी बंद
पैसे लेने के बाद आरोपी ने दिल्ली जाने और वहीं से ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। लेकिन करीब 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ज्वाइनिंग लेटर नहीं आया।
प्रतीक के मुताबिक, उसने जब सतीश से संपर्क किया तो पहले सरकारी प्रक्रिया में समय लगने की बात कही गई। बाद में फोन उठाना बंद कर दिया गया। कभी फोन उठाने पर कथित रूप से गाली-गलौज करने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
इसके बाद पीड़ित को कथित रूप से पता चला कि आरोपी के खिलाफ अन्य लोगों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें हैं। इसके बाद वह छपारा थाने पहुंचा।
अब पुलिस की जांच पर टिकी नजर
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लेन-देन, मोबाइल कॉल, व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेज, मेडिकल से जुड़े तथ्यों और आरोपी दंपती के पूर्व रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।
सरकारी नौकरी का लालच देकर युवाओं से मोटी रकम ऐंठने वालों के खिलाफ यह मामला एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा करता है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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