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मध्य प्रदेश के 58 लाख स्कूली बच्चों को गणवेश के लिए मिलेंगे 600 रुपए, कैबिनेट ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करीब 24,500 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति, विमुक्त-घुमन्तु वर्ग के छात्रावासों को अब 1 रुपए किलो मिलेगा अनाज

कैबिनेट का बड़ा फैसला: 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए 600 रुपए

भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में विद्यार्थियों, कल्याणकारी संस्थानों और पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत 58 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए प्रति विद्यार्थी 600 रुपए सीधे बैंक खाते में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा कुल 348 करोड़ रुपए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न पुनरीक्षित एवं संशोधित प्रस्तावों सहित अलग-अलग योजनाओं की निरंतरता से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। बैठक में लगभग 24,500 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

58 लाख विद्यार्थियों को सीधे बैंक खाते में मिलेगी राशि

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए दी जाने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। 58 लाख विद्यार्थियों को 600 रुपए प्रति विद्यार्थी की दर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को गणवेश की व्यवस्था में आर्थिक सहायता मिलेगी।

यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में मध्य प्रदेश के 19 स्थल

मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भारत के कुल 78 स्थलों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है, जिनमें 19 स्थल मध्य प्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण आधार है। मध्य प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन स्थलों के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि के साथ टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्यों को भी व्यवस्थित एवं विकसित किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि पर्यटन प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के साथ ही रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करता है।

विमुक्त-घुमन्तु वर्ग के छात्रावासों को अब 1 रुपए किलो मिलेगा अनाज

कैबिनेट ने विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के कल्याण से जुड़ी संस्थाओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि अभी तक इन वर्गों के विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों, कल्याण आश्रमों एवं अन्य कल्याणकारी संस्थानों को 12 किलो अनाज 5 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता था।

वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गों के छात्रावासों तथा इसी प्रकार की कल्याणकारी संस्थाओं को 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जा रहा था।

अब कैबिनेट के निर्णय के बाद विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग के अंतर्गत आने वाले छात्रावासों एवं संबंधित संस्थानों को भी 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार के अनुसार यह निर्णय इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों और जरूरतमंदों के हित में महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम है।

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