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21 साल बाद फिर पटरी पर सार्वजनिक बस सेवा, 2030 तक पूरे प्रदेश को जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में ITMS से होगी बसों की लाइव निगरानी, निजी ऑपरेटर चलाएंगे बसें; पहले चरण में प्रमुख संभागीय मुख्यालयों पर फोकस

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: 2030 तक पूरे MP में बसों का विस्तार

भोपाल यशो:- मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेशभर में विस्तार देने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर—इन तीन प्रमुख आधारों पर विकसित करने की योजना बनाई है।

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार सरकार का लक्ष्य ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें आम यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा मिले और निजी बस ऑपरेटरों को भी व्यवस्थित तरीके से संचालन का अवसर मिले। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक प्रदेश के अधिक से अधिक हिस्सों को इस व्यवस्थित परिवहन प्रणाली से जोड़ने की है।

सरकार खुद नहीं खरीदेगी बसें, निजी ऑपरेटरों के जरिए होगा संचालन

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सरकार बड़े पैमाने पर स्वयं बसें खरीदकर उनका संचालन नहीं करेगी। व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों की बसों का उपयोग किया जाएगा।

उदय प्रताप सिंह के मुताबिक निजी बस ऑपरेटर अपने व्यवसाय के लिए स्वतंत्र रहेंगे, जबकि सरकार की भूमिका पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित करने, उसकी निगरानी करने, विसंगतियों को दूर करने और ऑपरेटरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की होगी।

इसके लिए निजी ऑपरेटरों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। वर्ष 2029-30 तक PPP मॉडल पर संचालन के लिए पूरा तंत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

जहां मांग, वहां बस सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था

सरकार परिवहन व्यवस्था को डिमांड-सप्लाई बेसिस पर संचालित करने की योजना बना रही है। इसका मतलब यह होगा कि जिन क्षेत्रों से बस सेवा की आवश्यकता और मांग सामने आएगी, वहां उपलब्धता के अनुसार ऑपरेटर के माध्यम से बस सेवा शुरू की जा सकेगी।

इस व्यवस्था से उन क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है जहां वर्तमान में नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है।

सरकार के अनुसार परिवहन सेवा का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय यात्रियों की वास्तविक जरूरत के आधार पर विभिन्न मार्गों और क्षेत्रों तक किया जाएगा।

ITMS से बसों की लाइव लोकेशन पर नजर

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में तकनीक का महत्वपूर्ण उपयोग किया जाएगा। इसके लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

ITMS के माध्यम से बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। बस इस समय कहां है, उसकी गति क्या है और उसका संचालन किस प्रकार हो रहा है, जैसी जानकारी सिस्टम के माध्यम से देखी जा सकेगी।

ड्राइविंग पैटर्न और संचालन से जुड़ी जवाबदेही पर भी निगरानी रखी जाएगी। बसों में कैमरे सहित आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

इसका उद्देश्य केवल बसों को ट्रैक करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्धता और परिवहन व्यवस्था की जवाबदेही को मजबूत करना है।

कंट्रोल कमांड सेंटर से होगी निगरानी

बसों के संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी ITMS और कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

बसों की टाइमिंग, संचालन, ड्राइवर-कंडक्टर से संबंधित व्यवस्थाओं तथा रेवेन्यू लीकेज जैसी संभावित विसंगतियों पर भी नजर रखने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

इससे परिवहन विभाग के पास बस संचालन की निगरानी के लिए अधिक व्यवस्थित डिजिटल तंत्र उपलब्ध होगा।

ड्राइवर-कंडक्टर की ट्रेनिंग भी कराएगी सरकार

नई परिवहन व्यवस्था में केवल बस संचालन पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार की ओर से ड्राइवर और कंडक्टर के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी किए जाने की बात कही गई है।

इसके अलावा बस डिपो और टर्मिनल जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

इससे निजी ऑपरेटरों को केवल बस उपलब्ध कराने तक सीमित रहने के बजाय एक व्यापक परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनाया जा सकेगा।

पुराने बस स्टॉप होंगे व्यवस्थित, जहां जरूरत वहां बनेंगे नए स्टॉप

प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में पुराने बस स्टॉप बंद अथवा अव्यवस्थित स्थिति में हैं। सरकार ने ऐसे बस स्टॉप के पुनर्निर्माण और व्यवस्थित विकास की योजना बनाई है।

जहां बस स्टॉप उपलब्ध नहीं हैं, वहां यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे।

बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि सार्वजनिक परिवहन केवल बस उपलब्ध कराने तक सीमित न रहे, बल्कि यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके।

लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सड़क किनारे सुविधाएं

लंबी दूरी की बस यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़क किनारे यात्रियों की जरूरत के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने की योजना भी है।

बसों के ठहराव के दौरान यात्रियों को रिफ्रेशमेंट, फ्रेश होने और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित प्रणाली विकसित की जाएगी।

इसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बीच रास्ते में भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पहले चरण में प्रमुख संभागीय मुख्यालयों पर फोकस

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में प्रदेश के प्रमुख संभागीय मुख्यालयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रमुख शहर शामिल हैं।

इसके बाद सेवा को अन्य शहरों, कस्बों और जरूरत वाले मार्गों तक चरणबद्ध तरीके से विस्तारित करने की योजना है।

बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की योजना

सरकार की योजना आने वाले वर्षों में इस व्यवस्था से जुड़ी बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की है।

बताया गया है कि पहले चरण में इस वर्ष लगभग 1,500 से 1,700 बसों को व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके बाद अगले चरण में बसों की संख्या लगभग 2,500 और आगे बढ़ाकर करीब 3,000 बसों तक ले जाने की योजना है।

वर्ष 2030 तक पूरे प्रदेश को व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

निजी बस ऑपरेटरों के लिए भी बदलेगा संचालन का तरीका

नई व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सरकार का कहना है कि निजी ऑपरेटर अपने व्यवसाय के लिए स्वतंत्र रहेंगे, लेकिन परिवहन व्यवस्था में तकनीकी निगरानी और निर्धारित प्रणाली के अनुसार संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

इससे एक तरफ यात्रियों को अधिक व्यवस्थित बस सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास होगा, वहीं दूसरी तरफ निजी ऑपरेटरों को डिपो, टर्मिनल, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा।

सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन पर जोर

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है जो सुरक्षित, सुगम, सुविधाजनक और आधुनिक हो।

सरकार का फोकस केवल बसों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि बस संचालन की निगरानी, यात्रियों की सुरक्षा, ड्राइवर-कंडक्टर प्रशिक्षण, बस स्टॉप, टर्मिनल, डिपो और यात्री सुविधाओं सहित पूरी परिवहन व्यवस्था को एक साथ विकसित करने पर है।

सरकार के अनुसार नई व्यवस्था के तीन प्रमुख आधार

1. बस संचालन
निजी बस ऑपरेटरों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से बस सेवा का विस्तार।

2. इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम
बसों की लाइव लोकेशन, स्पीड, ड्राइविंग पैटर्न और संचालन की डिजिटल निगरानी।

3. परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर
बस स्टॉप, टर्मिनल, डिपो और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास।

उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से सरकार का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

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