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भारत में दो संस्कृति पल रही है, सनातनी एवं औरंगजेबी – रामभद्राचार्य

 

भारत में दो संस्कृति पल रही है, सनातनी एवं औरंगजेबी - रामभद्राचार्य - Seoni News
भारत में दो संस्कृति पल रही है, सनातनी एवं औरंगजेबी – रामभद्राचार्य

सिवनी यशो:- भारत में दो संस्कृतिया पल रही है एक संस्कृति है सनातनी और दूसरी संस्कृति है औरंगजेब वाली । सनातन संस्कृति त्याग और पूर्वजो के प्रति सम्मान सिखाती है जबकि औरंगजेबी संस्कृति लूट और सत्ता हथियाने के लिये सारी मर्यादाओं को ताक पर रखने वाली संस्कृति है । दोनों संस्कृतियों में कौन श्रेष्ठ है यह भी इतिहास स्पष्ट कर चुका है । भगवान श्रीराम ने सनातन संस्कृति के तहत पिता के सम्मान के लिये राजपाठ छोड़कर वन गमन किया और औरंगजेब ने राजपाठ के लिये अपने पिता शाहजहाँ को जेल में डाल दिया था दोनों संस्कृतियों के क्या परिणाम हुये इतिहास हमें बताता है कि सनातन संस्कृति का अनुशरण करते हुये मर्याद पुरूषोत्तम श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुये वनवास जाना उचित समझ और राजपाठ का त्याग किया वह भगवान कहलाएँ जिन्हें दुनिया पूजती है उनका भव्य मंदिर उनकी जन्म स्थली अयोध्या में बन रहा है । वहीं औरंगजेब जिसने राजपाठ के लिये अपने पिता शाहजहाँ को जेल डाला और यातनाएँ दी उसकी मौत भी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई और उसके मकबरे की जो दुर्दशा है वह बहुत बुरी है वहाँ कोई झांकने नहीं जाता । इसलिये सनातन संस्कृति श्रेष्ठ है और सनातन संस्कृति हमारा प्राण है संस्कारों की पाठशाला है इस पर हमें गर्व है जो इसका विरोध करेगा उसका हम खुलकर केवल विरोध ही नहीं करेंगे उसे रसातल में पहुँचाने के लिये पूरी ताकत लगा देंगे । इस आशय का संबोधन सिवनी के पालीटेक्रिक ग्राउंड में चल रही भक्तियम श्रीराम कथा के छटवें दिन कथावाचक तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामनंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने भगावान श्रीराम के चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुये कथा स्थल पर उपस्थित विशाल जनसमुदाया को संबोधित करते हुये दिया ।

भगवान श्रीराम ने पितृ आज्ञा का किया पालन

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भगवान श्रीराम ने पितृ आज्ञा का किया पालन

स्वामी राम भद्राचार्य जी ने भगवान श्रीराम सहित चारों दशरथ कुमारों के सुंदर विवाह की कथा के आगे के प्रसंग का वर्णन करते हुये भगवान श्रीराम के वनगमन का विस्तार से वर्णन किया और बताया कि माता कैकई ने राजा दशरथ से भरत को राजा बनाने और श्रीराम को 14 वर्ष वनवास का वचन लिये जिस पर भगवान श्रीराम ने सनातन धर्म के अनुसार पिता की आज्ञा का पालन करते हुये वनवास गमन स्वीकार किया तथा राजपाठ छोड़कर वन गमन स्वीकार कर लिया उनके साथ माता सीता एवं भ्राता लक्ष्मण जी भी वन जाने के लिये तैयार हो गये । राजा दशरथ औरपूरी आयोध्या भगवान श्रीराम के वन गमन के समाचार से दुखी है पिता, माताएँ गुरूजन , परिजनों ने बहुत समझाया परंतु भगवान श्रीराम पिता के सम्मान के लिये कुल मर्यादा की परंपरा और सनातन धर्म अक्षुण रखने के लिये वनवास के लिये प्रस्थान करते है । स्वामी रामभ्रदाचार्य जी ने करूणा से भरी राम वनवास की कथा का वृतांत सुनाया और सनातन परंपरा को प्रतिपादित करते हुये कहा कि भगवान श्रीराम ने सब कुछ छोड़कर वन प्रस्थान किया और मर्यादा का पालन किया ।

आने वाले चुनाव साधारण नहीं धर्म और अधर्म के लिये है

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आने वाले चुनाव साधारण नहीं धर्म और अधर्म के लिये है

स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा सुनाते हुये कहा कि वर्तमान में मोदी सरकार को हटाने के लिये जो गठवंधन बना है वह मोदी सरकार को हटाने के लिये बल्कि देश को तोडऩे के लिये बना है देश को खंडित करने का षडयंत्र है । उन्होनें कहा कि महात्मा गांधी जी ने अपने अंतिम समय में भी भगवान श्रीाराम का नाम लिया था क्योकि वे सनातनी थे और कांग्रेस नेता कमलनाथ तथा दिग्विजय सिंह भी सनातनी है उनके पूर्वज सनातनी है परंतु वे सनातन के विरोध में हो रही बयानबाजी के विरोध में बोलने का साहस नही दिखा पा रहे है और सनातन विरोधियों के साथ खड़े है क्योकि उन्हें देश और संस्कृति की नहीं अपनी सत्ता की चिंता है इसलिये हम उनके विरोधी है । स्वामी जी ने कहा कि सनातन धर्म हमारा प्राण है इसे बचाने के लिये हम अपने प्राणों की बाजी लगा देंगे और सनातन को समाप्त करने की मंशा रखने वालो को समाप्त कर देंगे ।
उन्होंने आज फिर उस बात को दोहराया कि आने वाले समय में जो चुनाव हो रहे है वह भाजपा और कांग्रेस का चुनाव नहीं है यह चुनाव धर्म और अर्धम का साथ देने वालों के लिये चुनाव हो रहा है इस चुनाव में सनातन धर्म की रक्षा के लिये संकल्पित भाजपा को चुनाव जिताने का सभी सनातनी संकल्प लें । उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में स्पष्ट है कि हर युग में धर्म और अधर्म के लिये संघर्ष हुये है हर युग में धर्म की जीत हुई है । त्रेता में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध हुआ द्वारा में धर्म की स्थापना के लिये महाभारत हुआ और भारत ने अंग्रेजो को भगाने के लिये, और भगवान श्रीराम की जन्मभूमि को पाने के लिये सनातनियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया हर बार धर्म की जीत हुई है । इसबार भी सनातनियों की जीत होगी और सनातन का विरोध करने वाले हारेंगे ।
स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कहा कि सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन बहुत अच्छा नेता है इसके भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है इसे मैं आने वाले समय में मंत्री बनाऊंगा । पालिटेक्रिक ग्राऊंड में हो रही राम कथा में छटवे दिन भी बड़ी संख्या में श्रोता पहुँचे और कथा के बीच में जय श्रीराम और भारत माता के नारे लगाते रहे ।

Dainikyashonnati

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