सिवनी यशो:- क्रांतिकारी अमर बलिदानी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने अपनी मातृभूमि से अंग्रेजो से स्वतंत्र कराने के लिए पिता-पुत्र ने अंग्रेजो से लोहा लिया, जबलपुर 52 वी रेजीमेंट का कमांडर क्लार्क बड़ा अत्याचारी था उसने छोटे-छोटे राजाओं एवं आम जनता को परेशान कर रखा था, चारों ओर अनाचार और व्यभिचार का बोल बाला था। जनता में हाहाकार मचा हुआ था राजा शंकर शाह ने जनता और जमीदारों का साथ लेकर क्लार्क के अत्याचारों को खत्म करने के लिए संघर्ष का ऐलान किया। जमीदारों और राजाओं की सभा बुलाई गई, इस क्षेत्र में प्रचार के लिए एक पत्र और दो काली चूडिय़ों की पुडिय़ा बनाकर प्रसाद के रूप में वितरित की गयी, पत्र में लिखा गया ” अंग्रेजो से संघर्ष के तैयार रहों या चुडिय़ा पहनकर घर बैठो” जो राजा, मालगुजार पुडिय़ा ले लेता इसका अर्थ क्रांति में अंग्रेजो का साथ दे रहा है। अंग्रेज डिप्टी कमीशनर के पास गुप्तचरो के माध्यम से गोपनीय सूचनाएॅ प्राप्त कर ली गई, राजा शंकर शाह एवं उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह को गिरफतार कर लिया गया। गिरफतारी के कुछ दिन बाद 18 सितम्बर 1857 को जबलपुर हाउस के सामने फांसी परेड हुई दोनो को तोपो के मुंह से बांध दिया गया, तोप बांधते समय राजा ओर राजकुमार दोनो सीना तानकर देवी की प्रार्थना कर रहें थे, उनके चेहरो में मौत का कोई डर नही था अंग्रेजो ने उन्हें तोप से उड़ा दिया।
ऐसे अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में गेंदलाल भलावी औरधु्रवनारायण चैधरी ने माल्यापर्ण किया व जेपीएस तिवारी द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया। उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना, एड. पंकज शर्मा, ब्रजेशसिंह लल्लू बघेल, विष्णु करोसिया, अतुलचंद मालू, विनोद यादव, राजेश मानाठाकुर, श्रीमति ललिता बघेल, छोटेलाल उइके, रमान सिंह बघेल, नन्दू यादव, धनंजय सिंह, ठा. जयप्रकाश परिहार, जिब्राईल अंसारी, रामकिशोर बघेल, सुजीत गोदरे, सतेन्द्र बघेल, नितिन बघेले, फिरोज खान, धरमू तेकाम की उपस्थिति रही।




