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मुफ्त की रेवडिय़ा ही विधानसभा चुनाव का आकर्षण रही

राजनैतिक विश£ेषको को बदलने पड़ रहे है अनुमान
सिवनी यशो:- गत 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिये मतदान संपन्न हो गया । मतदाताओं ने मतदान कर चुनाव में खड़े हुये प्रत्याशियों के भाग्य को मशीनों में बंद कर दिया आगामी 03 दिसंबर को मतगणना के पश्चात परिणाम आयेंगे । 17 नवंबर से 03 दिसंबर तक के अंतराल में अनुमानों और चुनाव कैसा लड़ा गया इस बात को लेकर चर्चाएँ चल रही है । आम जनता का मानना है कि इस बार का चुनाव प्रदेश में मुख्य रूप से दो दलों के बीच ही लड़ा गया प्रदेश में तीसरे दल की कोई भूमिका नहीं रहती परंतु हर बार राजनैतिक दल मुद्दो पर आधारित चुनाव लड़ते है परंतु इस अब चुनाव का तरीका पूरी तरह बदल गया है मुफ्त बांटने की योजनाएँ अधिक प्रभावी हो गयी है जो इस विधानसभा चुनावव में काफी प्रभावी रही ।
प्रदेश की सत्ता में लंबे समय से काबिज भारतीय जनता पार्टी के प्रति पूरे प्रदेश में बदलाव की बयार चल रही थी अनेक पूर्वानुमान यह स्पष्ट रूप से कह रहे थे कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन निश्चित है । अनेक पूर्वानुमानों के चलते विपक्षी कांग्रेस पार्टी काफी उत्साहित थी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी लगातार लोक लुभावनी योजनाओं के माध्यम से जनता के बीच कांग्रेस की लोकप्रियता को बढाने में लगे रहे परंतु सत्ताधारी राजनैतिक दल के भाजपा के द्वारा चुनाव के नजदीक आते आते जनता को सीधा लाभ पहुँचाने के लिये सरकारी खजाने को खोल दिया और हर तरह के शासकीय सेवको को सुविधाएँ उनकी लंबित मांगो को मानने सहित आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं , आशा उषा कार्यकत्र्ताओं, कोटवारों, सरपंच सचिव सहित सभी की लंबित मांगो को पूरा करने के साथ उन्हें बिना मांगे अनेक प्रलोभनों से अपना मुरीद बनाने की कोशिश की । वहीं लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की महिलाओ को 1250 रूपये प्रतिमाह देने के साथ 450 रूपये में गैस सिलेंडर और 1250 रूपये प्रतिमाह दी जाने वाली राशि तीन हजार रूप्ये प्रतिमाह करने की घोषणा की । किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राशि देने की घोषणा ने प्रदेश की भाजपा के ग्राफ को ऐसा बढाया कि पूर्व अनुमान देने वाले राजनैतिक विश£ेषकों को अपने अनुमान में बदलने पड़ रहे है ।
वहीं चुनाव के अंतिम समय में भाजपा के प्रति बढ़े रूझाने के बाद कांग्रेस के नेता भी निराशा में डूबे हुये नजर आ रहे थे । कांग्रेस में वह उत्साह नहीं दिखा जो साल भर पहले दिखाई दे रहा था । चुनाव के कुछ माह पहले तक राजनैतिक विश£ेषक भाजपा के लिये 60-65 सीटों पर ही जीत के दावे कर थे परंतु चुनाव समाप्त होने के पश्चात राजनैतिक विश£ेषक भाजपा को बहुमत मिलने की संभावनाएँ व्यक्त कर रहे थे । राजनैतिक विश£ेष्कों को मानना है कि चुनाव के नजदीक भाजपा ने जनता को आकर्षित करने में पूरी सफलता का परिचय दिया है । भाजपा की लोक लुभावनी और मुफ्तखोरी वाली योजनाओं ने कांग्रेस की मुफ्तखोरी वाली घोषणाओं की हवा निकाल दी ।
दोनों राजनैतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्र में भले ही विकास और जनकल्याण के उल्लेख हो परंतु चुनावी मैदान में उनकी चर्चा राजनैतिक मंचों से जनता के बीच कम ही हुई चुनावी सभाओं और प्रचार में व्यक्तिगत छवि पर कीचड़ उछालने का काम होते रहा है । जिसके आधार पर मतदाताओं ने मतदान भी कर दिया है जिसका परिणाम 03 दिसंबर को आयेगा और विश£ेष्को के विशलेषण से आश्चर्यजनक हो सकते है परिणाम ।

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