छिंदवाड़ाटेक्नोलॉजीदेश विदेशधर्मनरसिंगपुरबालाघाटमंडलामध्यप्रदेशराजनीतिसिवनीहेल्थ

सभी 41 श्रमिक 17 दिन बाद सकुशल बाहर निकले

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का धैर्य देश को प्रेरित करने वाला है

नई दिल्ली :-उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में 17 दिन से फंसे सभी 41 श्रमिकों सफलता पूर्वक बाहर निकालने में बचाव एजेंसियों को बड़ी मशक्कत के बाद सफलता मिल गयी है और उन्होंंने जिंदगी बचाने की जंग को जीतने में सफलता प्राप्त कर ली है । सुरंग में फंसे 41 मजदूरो को बचाने लिए केंद्र और राज्य सरकार की टीमें जी जान से दिन रात जुटी हुई थीं। मंगलवार सुबह टीम को सफलता मिली और सभी श्रमिक सकुशल बाहर आ पाए। खास बात ये रही कि अमेरिकी ऑगर मशीन फेल होने के बाद हाथ से खोदाई करने वाली रैट माइनर्स की टीम खेवनहार बनी। इसमें भारतीय सेना ने भी टीम की मदद की।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग से निकले मजदूरों से मुलाकात की उनके हौंसले के लिये उनकी पीठ थपथपाई और उनका स्वागत किया उनकी जिंदगी बचने पर प्रसन्नता जाहिर की ।
उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में फंसे 41 मजदूरों के रेस्क्यू अभियान में बड़ी सफलता मिली गई। रेस्क्यू टीम ने सभी 41 मजदूरों को एक-एक कर टनल से बाहर निकाल लिया। सभी 41 मजदूरों को सिल्कयारा सुरंग स्थल से एम्बुलेंस में बैठाकर रवाना कर चिन्यालीसौड़ के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचा दिया है।
17 दिनों से जिंदगी की जंग लड़ रहे 41 मजदूरों के सुरंग से बाहर निकलने की खबर से स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय लोगों ने सिल्क्यारा सुरंग के बाहर मिठाइयां बांटकर खुशी जताई।
बचाव कार्य में शामिल एक कर्मचारी ने कहा, स्थिति अच्छी है और सभी लोग कुशल मंगल हैं।एनडीआरएफ के चार-पांच लोग अंदर गए हैं। मजदूरों को बचाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हम फंसे हुए श्रमिकों को बाहर लाने के लिए स्ट्रेचर अंदर ले जा रहे हैं ।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि टनल से बाहर आये श्रमिकों का धैर्य हर किसी को प्रेरित करने वाला है । प्रधानमंत्री ने सोशल प्लेटफार्म एक्स पर कहा है कि उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है।

टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।

यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।

मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button