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मध्यप्रदेशसिवनी

प्यासे गांव पर कार्रवाई! पानी मांगने पर 20 ग्रामीणों पर FIR

छपारा-केवलारी मार्ग पर 3 घंटे चक्का जाम, अंजनिया-चंडी गांव में पेयजल संकट

अंजनिया पेयजल संकट, चक्का जाम, एफ आईं आर 

छपारा/सिवनी: पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब बड़ी संख्या में लोग खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। लगभग 3 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया, लेकिन बाद में 20 ग्रामीणों पर FIR दर्ज होने से आक्रोश और बढ़ गया है।

 पानी की समस्या को लेकर चक्का जाम

ग्राम पंचायत अंजनिया के अंतर्गत चंडी, भरिया टोला सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने 29 मार्च रविवार सुबह करीब 10 बजे छपारा-भीमगढ़ मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान मार्ग पूरी तरह बाधित रहा और आवागमन ठप हो गया।

खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण

ग्रामीण बड़ी संख्या में खाली बर्तन लेकर सड़क पर पहुंचे और पेयजल संकट को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

अंजनिया पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन (फाइल फोटो)”
“पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन (फाइल फोटो)”

 पुलिस पहुंची, समझाइश जारी रही

सूचना मिलते ही छपारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई के बिना जाम हटाने को तैयार नहीं थे।

अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम

करीब 3 घंटे बाद नायब तहसीलदार रामसेवक कौल और पीएचई विभाग की प्रभारी एसडीओ ज्ञानेश्वरी उईके मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि पाइपलाइन के माध्यम से गांव में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।

फ्लोराइड युक्त पानी से स्वास्थ्य खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हैंडपंपों से फ्लोराइड युक्त पानी निकल रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। पेयजल के लिए सुरक्षित स्रोत उपलब्ध नहीं है।

 बाद में 20 ग्रामीणों पर FIR

चक्का जाम के बाद छपारा पुलिस ने करीब 20 ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और आने वाले समय में आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

चुनाव बहिष्कार के बाद भी नहीं बदली स्थिति

ग्रामीणों का कहना है कि वे पूर्व में पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका और आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।


नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी और स्थानीय स्तर पर प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। प्रशासनिक पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

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