सिवनी यशो:-आज के सिवनी के कार्यक्रम में व्यापारियों से व्यापारिक प्रतिष्ठान तो जबरन बंद कराये ही उसके साथ ही अनके व्यापारियों के साथ मारपीट की गयी उनके यहाँ सामान लूटा गया और पुलिस कर्मियों को भी चोटिल किया यह किस प्रकार के लोकतांत्रिक अधिकार है । आदिवासी दिवस के पूरे कार्यक्रम की गरिमा को बर्बाद करने का काम किया गया ।
बरघाट विधानसभा के विधायक अर्जुन काकोडिय़ा जिस तरह की राजनीति कर सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने की कल्पना कर रहे है वह जिले की राजनीति के अनुकूल नहीं है और जिले में इस प्रकार के नेताओं को पसंद नहीं किया जाता हालांकि उनका निर्वाचन क्षेत्र बरघाट है और बरघाट विधानसभा क्षेत्र से वे पिछला चुनाव जीतने में इस लिये सफल होगये कि वहाँ की जनता को इनके जुझारूपन से काफी अपेक्षाएँ थी परंतु यह जुझारूपन समाज को तोडऩे और समाज में वैमानस्यता फैलाने का इनके द्वारा जो काम किया जा रहा है । वह उनके राजनैतिक भविष्य के लिये ठीक नहीं माना जा रहा है ।
समाज मे वैमनस्यता फैलाने वाले भड़काऊ भाषण उनके द्वारा कई बार दिये जा चुके है । आज विश्व आदिवासी दिवस पर उनके द्वारा आदिवासी समाज के युवाओं को भड़काकर जिस तरह से सिवनी मुख्यालय में बंद कराने और जनसमुदाय के विरूद्ध भड़काया गया उसे सिवनी नगर के व्यापारी पसंद नहीं कर रहे है और सिवनी के व्यापारियों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है ।
आज आदिवासी दिवस पर अर्जुन काकोडिय़ा ने अपने संबोधन की शुरूवात इस बात से की कि वह भारत को हिन्दु राष्ट्र नहीं बनने देंगे । उनका यह भाषण किस मानसिकता से दिया गया यह समझ से परे है। और फिर आदिवासियों पर अत्याचार को बढ़ा चढ़ाकर बताया गया । जबकि बरघाट विधानसभा क्षेत्र में गोवंश की हत्या और ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीयजनता में भारी आक्रोश रहता है । आजतक इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी । बरघाट विधानसभा में विकास और आमजनों की समस्याओं को लेकर श्री काकोडिय़ा ने कोई विशेष काम नहीं किये उनके द्वारा किये गये वायदे आज भी अधूरे है परंतु सरकार का विरोध करने के लिये जनता को गलत तरीके से भडकाना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है और यह लोकतांत्रिक तरीका भी नहीं है जनता को भड़काकर सड़को पर आंदोलन करना इनकी आदत बन गयी है इस प्रकार की राजनीति से जनता को परेशानी होती है और आदिवासी को गैर आदिवासी के विरोध में भड़काना उनके बीच वैमानस्यता का वातावरण बनाना एक विधायक जैसे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के लिये ठीक नहीं है ।
आज विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी गौरव की बात करने की अपेक्षा समाज मे आग लगाने के लिये भड़काऊ भाषण देना और योजनावद्ध तरीके से सिवनी नगर को बंद कराने को व्यापारी गंदी राजनीति का हिस्सा बता कर उनकी मानसिकता की निंदा कर रहे है ।




