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छपारा नगर परिषद ने संपत्ति कर में रियायत देने पर सहमति बनायी

पार्षदों ने बैठक के दौरान क्षेत्रीय विधायक को सौँपा ज्ञापन

छपारा यशो:- नगर परिषद के निर्वाचन के पहले प्रशासक के द्वारा छपारा नगर परिषद ने नगर के मकान और अन्य टैक्सों को लेकर जो निर्धारण किया गया था, वह अन्य नगर पालिका और नगर परिषद की तुलना में अधिक है जिसका बोझ लोगों को भारी लग रहा है । इस टैक्स को जमा करने में लोग सक्षम नहीं है जिसको लेकर लगातार लोगों में आक्रोश देखा जा रहा था । गत दिवस इस मामले को लेकर तिंसा ग्राम पंचायत की महिलाओं ने हंगामा भी किया और उन्होंने यहां तक मांग कर डाली कि उन्हें वापस ग्राम पंचायत पर ही भेज दिया जाए । इस प्रकार के आक्रोश को देखते हुये मंगलवार को नगर परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में स्थानीय विधायक ठाकुर रजनीश सिंह भी पहुंचे जहां उन्होंने इस मुद्दे को लेकर भी नगर परिषद में चर्चा की जिसको लेकर सभी पार्षदों ने छपारा नगर में मकान टैक्स और अन्य टैक्सों को लेकर अपनी बात रखी और सभी पार्षदों ने मनमाने तरीके से बढ़ाये गये टैक्स में रियायत देने पर सहमति व्यक्त की । नगर परिषद के द्वारा जनता को राहत देने संबंधी विचार से नगरीय प्रशासन विभाग को अवगत कराने के लिये क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन भी पार्षदों के द्वारा सौंपा गया ।

छपारा नगर परिषद ने संपत्ति कर में रियायत देने पर सहमति बनायी - Seoni News

नगर परिषद का कहना है कि अनुचित रूप से सम्पत्ति कर की दरो का निर्धारण किया उस समय किया गया जब नगर परिषद प्रशासक एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी के संचालन में थी ।
ें नगर परिषद छपारा मुख्य ग्राम छपारा एंव समीप छोटे-छोटे ग्रामों को सम्मिलत कर वर्ष 2021 में गठित कर बनाई गई है । जिसकी जनसंख्या 20146 है। नगर परिषद छपारा के अस्तित्व में आने पर उसका संचालन मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं प्रशासक द्वारा ही किया जाता था, इनके साथ कोई जनप्रतिनिधि नहीं था। परिषद के गठन के पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा कर अधिरोपित किये जाने थे। ऐसी दशा में तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा संपत्तिकर अधिरोपित करने हेतु नगरीय प्रशासन के अधीनस्थ कार्यालय से कर लगने की दर की जानकारी मांगी थी। शहरी विकास मंत्रालय में नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं द्वारा लगाए जाने वाले सम्पत्तिकर से भी अधिक दर से सम्पत्तिकर लगाए जाने आदेशित कर दिया था ।

तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने उक्त आदेश को मानने हेतु किसी भी प्रकार जनहित की उपेक्षा करते हुये एवं नगरीय निकायों के निर्धारित संपत्तिकर की तुलनात्मक अध्ययन किये बिना छपारा नगर परिषद के संपत्तिकर का निर्धारण स्वीकार कर लिया । नगर परिषद छपारा की जून माह की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है. कि वह इस अनुचित दर से लगाए गए सम्पत्ति कर को अदा कर सके । ऐसी अवस्था में रिकवरी नही हो पा रही है और बकाया कर बढ़ते जा रहे है। पूर्व में लगाए गए अनुचित दर के कर को कम करने एवं चालू वर्ष में कर लगाने हेतु उचित दर का आदेश देने की कार्यवाही की मांग छपारा नगर परिषद द्वारा की गयी है।

Dainikyashonnati

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