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ईमलीखेड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ प्रदेश की पहली सरकारी फुटबॉल अकादमी की भी हो घोषणा : अरुण कपूर

छिंदवाड़ा में 100 खिलाड़ियों की आवासीय अकादमी शुरू करने की मांग, 50 बालक और 50 बालिकाओं को मिले प्रशिक्षण के साथ शिक्षा की सुविधा

छिंदवाड़ा में प्रदेश की पहली सरकारी फुटबॉल अकादमी की मांग

गोविन्द चौरसिया

Chhindwara 10 October 2026
छिंदवाड़ा यशो:-
 ईमलीखेड़ा में मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की पहल के साथ ही छिंदवाड़ा में प्रदेश की पहली सरकारी फुटबॉल अकादमी स्थापित करने की मांग भी उठने लगी है। वरिष्ठ फुटबॉल खिलाड़ी एवं भाजपा नेता अरुण कपूर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग से आग्रह किया है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना में फुटबॉल अकादमी को भी शामिल किया जाए, ताकि क्षेत्र की प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

अरुण कपूर ने कहा कि ईमलीखेड़ा में प्रस्तावित मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग को बधाई देते हुए कहा कि अब इस परियोजना को फुटबॉल अकादमी से जोड़कर छिंदवाड़ा को प्रदेश में फुटबॉल प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए।

100 खिलाड़ियों की आवासीय फुटबॉल अकादमी बनाने का प्रस्ताव

अरुण कपूर ने मांग की है कि प्रस्तावित अकादमी में कम से कम 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। इनमें 50 बालक और 50 बालिकाएं शामिल हों। अकादमी में खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ पढ़ाई, आवास और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में छिंदवाड़ा में फुटबॉल अकादमी बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन वर्तमान में प्रस्तावित मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना में फुटबॉल अकादमी का प्रावधान शामिल नहीं बताया जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को इस मांग पर विचार कर परियोजना में अकादमी के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए।

20 एकड़ में बनेगा मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

ईमलीखेड़ा में प्रस्तावित मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण लगभग 20 एकड़ भूमि पर किया जाना है। परियोजना के प्रथम चरण की लागत 7.86 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें फुटबॉल मैदान, 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक, बैडमिंटन, खो-खो, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं और प्रशासनिक भवन विकसित किए जाने की योजना है। यह परियोजना खेलो इंडिया योजना के तहत बनाई जा रही है।

अरुण कपूर का कहना है कि यदि इसी परिसर में फुटबॉल अकादमी भी शुरू कर दी जाती है, तो उपलब्ध खेल अधोसंरचना का उपयोग प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने के लिए किया जा सकेगा। इससे खेल सुविधाओं का लाभ केवल मैदानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और संसाधन भी मिल सकेंगे।

फुटबॉल में भारतीय प्रतिभाओं को अवसर देने की जरूरत

अरुण कपूर ने कहा कि भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता और प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत खेल संरचना की आवश्यकता है। उन्होंने पुराने दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, रेलवे, बैंकों और सेना की फुटबॉल टीमों की पहचान रही है। ऐसी खेल परंपरा को मजबूत करने के लिए प्रतिभाओं को कम उम्र से ही उचित प्रशिक्षण देना जरूरी है।

उन्होंने खेल संघों के संचालन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खेलों के विकास में ऐसे लोगों की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए, जिन्हें संबंधित खेल का अनुभव हो और जो खिलाड़ियों की जरूरतों को समझते हों। उनके अनुसार, खेल संघों में खिलाड़ियों, अनुभवी प्रशिक्षकों और खेल से जुड़े लोगों की सक्रिय भूमिका से खेलों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

खेल अकादमियां युवाओं को देंगी नई दिशा

अरुण कपूर ने कहा कि देश और प्रदेश में अधिक से अधिक खेल अकादमियां स्थापित होने से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। खेलों से अनुशासन, शारीरिक स्वास्थ्य और टीम भावना विकसित होती है। प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों के लिए रोजगार तथा खेल को करियर बनाने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

उन्होंने खेलो इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से खेल अधोसंरचना और प्रतिभा विकास पर ध्यान दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि फुटबॉल सहित अन्य खेलों के लिए भी दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जानी चाहिए। छिंदवाड़ा में आवासीय फुटबॉल अकादमी की स्थापना इस दिशा में उपयोगी कदम हो सकती है।

वर्चुअल नहीं, मुख्यमंत्री स्वयं करें भूमिपूजन

अरुण कपूर ने यह भी आग्रह किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब ईमलीखेड़ा के मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन करें, तो वे छिंदवाड़ा पहुंचकर स्वयं कार्यक्रम में शामिल हों। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इस अवसर पर फुटबॉल अकादमी की घोषणा भी की जानी चाहिए।

अरुण कपूर ने मुख्यमंत्री और खेल मंत्री से आग्रह किया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ प्रदेश की पहली सरकारी फुटबॉल अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनके अनुसार, 50 बालक और 50 बालिकाओं के लिए शिक्षा, आवास, भोजन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की सुविधा वाली अकादमी छिंदवाड़ा की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा दे सकती है।

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