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पीजी कॉलेज घेराव पर गरमाई सियासत, एनएसयूआई का हल्लाबोल

17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन; पुलिस-प्रशासन ने रोकने का किया प्रयास, दोनों पक्षों ने लगाए आरोप

छिंदवाड़ा PG कॉलेज घेराव: NSUI का हल्लाबोल, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने नकुलनाथ पर साधा निशाना

Chhindwara 01 September 2026
छिंदवाड़ा यशो:- शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने पीजी कॉलेज का घेराव कर हल्लाबोल प्रदर्शन किया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में छात्र नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कॉलेज प्रबंधन से छात्रहित से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के कॉलेज की ओर बढ़ने पर पुलिस एवं प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बनी। एनएसयूआई नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। वहीं, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष भरत घई ने प्रदर्शनकारियों पर कॉलेज परिसर में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी के आरोप लगाए।

एबीवीपी पर हमले का आरोप

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने कहा कि संगठन छात्रहित से जुड़े जायज मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज प्रबंधन एवं प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाना चाहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी से जुड़े लोगों ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में महाविद्यालयों को राजनीति का केंद्र नहीं बनने दिया गया। उनके आरोप के अनुसार वर्तमान में जिले के कॉलेजों में एबीवीपी से जुड़े लोगों का राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा है। उन्होंने कॉलेजों में बाहरी लोगों की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए।

अपेक्षा सूर्यवंशी ने पुलिस एवं प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि छात्रहित की मांगों को कॉलेज प्रबंधन एवं प्रशासन तक पहुंचाना था।

जनभागीदारी अध्यक्ष बोले- छात्र कम, नेता ज्यादा

दूसरी ओर, पीजी कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष भरत घई ने प्रदर्शन को लेकर एनएसयूआई पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में छात्रों की तुलना में जिले के राजनीतिक नेताओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज परिसर में प्रवेश कर हंगामा किया और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की।

भरत घई ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी सहित अन्य पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी की पसली में गंभीर चोट लगने की बात कही। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज परिसर में दो पुतले जलाए।

17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई की ओर से कॉलेज प्राचार्य लक्ष्मीचंद बड़गैया एवं तहसीलदार को 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों के निराकरण और कॉलेज एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।

नकुलनाथ पर शेषराव यादव का पलटवार

इधर, पूर्व सांसद नकुलनाथ द्वारा शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने से पहले वास्तविक स्थिति को देखना जरूरी है।

शेषराव यादव ने कहा कि नकुलनाथ ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल तो उठाए हैं, लेकिन उन्हें एक बार जिले के सरकारी स्कूलों का दौरा कर जमीनी स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिले में कई सरकारी स्कूलों की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नई इमारतें बनकर तैयार हो चुकी हैं, जबकि कई स्थानों पर भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अधोसंरचना और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने नकुलनाथ से आंकड़ों की राजनीति छोड़कर जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को देखने की अपील की।

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