आज से MP में मकान-प्लॉट की फ्री रजिस्ट्री शुरू, 50 लाख ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ, सरकार उठाएगी स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का पूरा खर्च
Free Registry – CM मोहन यादव का बड़ा बड़ा ऐलान, MP में आज से मकान-प्लॉट की फ्री रजिस्ट्री
भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का मजबूत दस्तावेजी अधिकार देने की दिशा में आज से बड़ा अभियान शुरू हो रहा है। 17 सितंबर 2026 से प्रदेश में ग्रामीण आबादी क्षेत्र के मकान और प्लॉट की निःशुल्क रजिस्ट्री (Free Registry ) की शुरुआत की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को इंदौर के गांधीनगर ग्राउंड, सुपर कॉरिडोर में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे।
इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन (Free Registry ) नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि हितग्राहियों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इन दोनों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री की पहल से ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का दस्तावेजी अधिकार
स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि में अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब तक 41,568 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार हो चुके हैं। इनमें से लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन (Free Registry ) किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का मजबूत दस्तावेजी अधिकार उपलब्ध कराने के साथ इस संपत्ति को आर्थिक रूप से उपयोगी बनाना भी है।
मकान-प्लॉट के आधार पर मिल सकेगा ऋण
पंजीयन के बाद ग्रामीण नागरिक अपने अधिकार अभिलेख का उपयोग गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त करने में कर सकेंगे। इससे संपत्ति का उपयोग आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए किया जा सकेगा।
17 सितंबर से तीन चरणों में विशेष शिविर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के तहतFree Registry योजना को पंचायत और ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान तीन चरणों में चलेगा—
पहला चरण: 17 से 19 सितंबर
दूसरा चरण: 24 से 26 सितंबर
तीसरा चरण: 1 से 3 अक्टूबर
इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों की आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्थानीय स्तर पर ही पंजीयन कराया जाएगा।
सारा और संपदा एप से होगी पूरी प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी से ई-केवाईसी आवश्यक होगी। आवेदन की प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से होगी, जबकि पंजीयन अधिकारी द्वारा ‘संपदा’ एप के जरिए रजिस्ट्री का पंजीयन किया जाएगा।
पंजीयन पूरा होने के बाद पंजीयन विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर होगी रजिस्ट्री
सरकार ने प्रक्रिया को ग्रामीणों के लिए आसान बनाने के लिए स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ और एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इससे ग्रामीण हितग्राहियों को पंजीयन के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम होगी और प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर पूरी की जा सकेगी।
एक माह में (Free Registry) अभियान पूरा करने का लक्ष्य
योजना की जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग और मैदानी समीक्षा की जाएगी। प्रदेशव्यापी अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हितग्राहियों की सहायता के लिए स्टेट लेवल डेडिकेटेड हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार के अनुसार, ग्रामीण निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क पंजीयन (Free Registry) का निर्णय लेने वाला मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर से इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसके माध्यम से लाखों ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का सुदृढ़ दस्तावेजी अधिकार मिलने का रास्ता खुलेगा।
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