“गांव में पहुंची कलेक्टर, खुली हकीकत”: रजरवाड़ा चौपाल में शिकायतों पर मौके पर एक्शन
दूरस्थ जनजातीय अंचल में सेक्टोरियल भ्रमण की शुरुआत—ग्रामीणों से सीधा संवाद, लापरवाही पर सख्ती के संकेत
कलेक्टर नेहा मीना चौपाल सिवनी रजरवाड़ा में शिकायत पर ग्राउंड एक्शन
Seoni 18 April 2026
सिवनी यशो:- फाइलों से बाहर निकलकर जमीनी सच्चाई जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना खुद सुदूर जनजातीय क्षेत्र रजरवाड़ा (घंसौर) पहुंचीं। चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और योजनाओं की हकीकत परखते हुए साफ संकेत दे दिए—अब काम कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए।

शिकायत मिली, मौके पर कार्रवाई
उचित मूल्य दुकान समय पर न खुलने की शिकायत पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों से सीधे सवाल—“सेवाएं मिल रही हैं या नहीं?”
कलेक्टर ने पंचायत, आंगनवाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर ग्रामीणों से खुलकर चर्चा की। पूछा—क्या कर्मचारी नियमित आते हैं, केंद्र खुलते हैं और योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं।
अधिकारियों को दो टूक—फील्ड में सक्रिय रहो
स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अधिकारी केवल रिपोर्ट तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में सक्रिय होकर व्यवस्थाओं में सुधार करें। कागजी प्रगति अब स्वीकार नहीं होगी।
ग्राम स्तर के संस्थानों को बताया विकास की रीढ़
कलेक्टर ने कहा कि पंचायत, आंगनवाड़ी और स्कूल जैसे संस्थान ग्रामीण जीवन की धुरी हैं। इनके नियमित संचालन और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया।

कुपोषण के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश
आंगनवाड़ी सेवाओं की समीक्षा करते हुए बच्चों का पंजीयन, उपस्थिति और पोषण आहार वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। कुपोषित बच्चों की पहचान कर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई और ग्रामसभा को मजबूत करने पर जोर
पंचायत स्तर पर नियमित जनसुनवाई और पारदर्शी ग्रामसभा आयोजन के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की सहभागिता बढ़े और शिकायतों का समय पर समाधान हो।
किसानों को योजनाओं की जानकारी, नई प्रणाली की समझ
कृषि विभाग ने किसानों को तिलहनी-दलहनी योजनाओं, फार्मर आईडी और “ई-विकास” खाद वितरण प्रणाली की जानकारी दी, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
स्पष्ट संदेश: अब जमीनी हकीकत ही असली रिपोर्ट
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित फील्ड भ्रमण करें और समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित करें। जनजातीय क्षेत्रों में विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।




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