सिस्टम पर सख्त वार: जिला अस्पताल सिवनी में कलेक्टर नेहा मीना का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कसा शिकंजा
मरीजों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर
कलेक्टर अस्पताल औचक निरीक्षण , सुधार के निर्देश
सिवनी यशो :- जिला चिकित्सालय सिवनी की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अचानक औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थागत खामियों और अव्यवस्था पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ओपीडी से लेकर लैब तक अव्यवस्था पर नाराजगी
कलेक्टर ने ओपीडी पंजीयन काउंटर, वार्डों और पैथोलॉजी लैब का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कई स्थानों पर मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उन्होंने तत्काल सुधारात्मक निर्देश जारी किए।

- गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग प्रतीक्षा क्षेत्र
- ओपीडी में टोकन सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश
- मरीजों की भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण की सख्त हिदायत
डिजिटल सिस्टम नहीं तो जवाबदेही तय होगी
पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर की व्यवस्था पर कलेक्टर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि मरीजों को जांच के लिए बाहर भेजना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
- लैब का पूर्ण डिजिटलीकरण
- पंजीयन और सैंपलिंग व्यवस्था अलग करने के निर्देश
- बंद पड़ी मशीनें तुरंत चालू करने का आदेश
ड्यूटी में ढिलाई पर बायोमेट्रिक सख्ती
कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्टाफ की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब उपस्थिति केवल रजिस्टर पर नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक और सार्थक एप से अनिवार्य रूप से दर्ज होगी।

साफ संदेश: समय पर ड्यूटी नहीं तो जिम्मेदारी तय होगी।
मेडिकल कॉलेज–अस्पताल में समन्वय जरूरी
गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए कलेक्टर ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर सख्त नजर
कलेक्टर अस्पताल औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर की सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही अनावश्यक सामग्री हटाने और रिकॉर्ड व्यवस्था सुधारने को कहा।
कड़ा अल्टीमेटम: तय समय में सुधार नहीं तो कार्रवाई तय
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी सुधार कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल की छवि अब लापरवाही से नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधार से बनेगी।
कलेक्टर अस्पताल औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. विनोद नावकर, सीएमएचओ डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।





