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सदर काम्पलेक्स की दुकाने खाली कराने पार्षदों ने की मांग

नपा की करोड़ो की दुकाने कौडिय़ो लेकर दुकानदार कर रहे मनमानी
पार्षदों ने कहा इन्हें अबैध कब्जाधारी घोषित कर दुकाने करायी जाये खाली

सिवनी यशो:- सिवनी नगर पालिका आर्थिक रूप से कंगाल हो चुकी है विकास कार्यो के लिये उसके पास कोई राशि नहीं है जबकि पालिका संपत्ति के मामले में भरी पूरी है परंतु पालिका में अनेक वर्षो से लगी भ्रष्टाचार की दीमक नगर पालिका के आर्थिक आमदानी के स्रोतो को चाट रही है । नगर पालिका परिषद अपनी संपत्ति के राजस्व की वसूली यदि ईमानदारी से कर ले तो मालामाल हो सकती है परंतु पालिका के आर्थिक पक्ष को मजबूत करने की ईमानदार पहल हो जाना चाहिये । सिवनी नगर पालिका परिषद के बुधवारी बाजार सदर काम्पलेक्स की दुकानों की नीलामी एवं किरायेदारों को दी गयी मनमानी सुविधा किराये में रियायत आदि ऐसे पहलू है जो स्पष्ट करते है कि यह पालिका और किरायेदार के बीच हुये करारों का उल्लघ्ंान है और इससे पालिका को भारी आर्थिक क्षति हो रही है ।
इस आशय की बात सिवनी नगर पालिका परिषद के विवेकानंद वार्ड के पार्षद राजेश राजू यादव, अशोक वार्ड के पार्षद विजय गोलू पंडित, रविशंकर भांगरे, श्रीमती गोंविदी सैयाम, श्रीमती अनुसुईया पटवा ने सिवनी नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपे पत्र  में कही है उन्होंने कहा है कि नगर पालिका परिषद के बुधवारी बाजार स्थित सदर काम्मलेक्स के दुकानदारों के करारनामें के अनुसार किराया वसूली और शर्तो के अनुसार करारनामा का नवीनीकरण नहीं कराने वाले व्यापारियों पर वैधानीक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये ।
पार्षदों का कहना है कि सिवनी बुधवारी बाजार के सदर काम्पलेक्स में निर्मित 49 दुकाने वर्ष 2007 में परिषद के आर्थिक हितो को नजरांदाज करते हुये पहले आओ पहले पाओ के तहत दे दी गयी थी यदि इन दुकानों की खुली नीलामी होती तो दुकाने लाखों रूपये में जाती परंतु इन दुकानों को कोडिय़ों के भाव मात्र पचास हजार रूपये जमा कराकर नाममात्र के किराये पर दुकाने दे दी गयी थी और उस समय जो करार हुये था उस करार के हिसाब से करारनामे का हर पैतीस माह में नवीनीकरण और किराया वृद्धि 25 प्रतिशत होना था जो आज तक नहीं हुआ नाममात्र किराया उस समय 12 हजार 346 रूपये वार्षिक निर्धारित हुआ था जो आज तक चल रहा है । पार्षदों का कहना है कि कौडिय़ों के भाव दुकाने लेने वाले दुकानदारों ने आज तक करारनामें का नवीनीकरण नहीं कराया और न ही किराया वृद्धि की शर्तो का पालन किया अत: इन सभी दुकानदारों को अवैध कब्जाधारी घोषित कर दुकाने खाली कराकर दुकानो को नये सिरे से खुली बोली के आधार पर नीलाम किया जाये और नये करारनामे कर किराये निर्धारित किया जाये ।
पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपे अपने पत्र में कहा है कि बुधवारी बाजार के सदर काम्पलेक्स में कौडियों के भाव हाथ लगी दुकानदारों ने पालिका की इस संपत्ति का बेजा दुरूपयोग किया है और दुकानों में मनमाना विस्तार कर लिया है। दुकानों को डबल स्टोरी बना लिया है । एक दुकानदार ने परिषद के द्वारा बनाये गये सार्वजनिक पेशाबघर में कब्जा कर लिया हे । पार्षदों ने परिषद की संपत्ति पर मनमाना कब्जा करने वालों पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है ।

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