पीड़िता की बहादुरी और शिकायत
महिला के गाँव न पहुँचने पर उसके स्वजनों ने 13 जून को गौर चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पीड़िता जैसे-तैसे आरोपी के चंगुल से छूटकर भाग निकली और सीधे गौर चौकी पहुँची। वहाँ से उसे महिला थाना जबलपुर भेजा गया, जहाँ शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी संबंधित थाने को भेजी गई है।
आरोपी का दूसरा चेहरा – हथियार, धमकी और जमीन कब्जा
पीड़िता ने 24 जून को सिवनी के पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत आवेदन सौंपा, जिसमें आरोपी विष्णु लोधी के खिलाफ न केवल दुष्कर्म का मामला दोहराया गया है, बल्कि यह भी बताया गया है कि आरोपी एक प्रभावशाली भूमाफिया है। उसके पास लाइसेंसी बंदूक और अवैध हथियारों का जखीरा है, और वह सरकारी ज़मीनों पर कब्जा कर मकान बना चुका है।
इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी के बेटे विक्की और अमरदीप लगातार उस पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं और उसके पीछे गुंडे लगाए गए हैं।
बुलडोजर कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण की मांग
पीड़िता ने मांग की है कि ऐसे दबंग और खतरनाक आरोपी के खिलाफ बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण गिराए जाएँ और उसके लाइसेंसी हथियारों का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस गंभीर मामले में आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों है? क्या उसकी राजनीतिक पकड़ या प्रशासनिक रसूख गिरफ्तारी में रोड़ा बन रहे हैं?
"एक महिला ने साहस दिखाकर अपनी आपबीती बताई है। यदि अब भी न्याय नहीं मिला, तो यह पूरे तंत्र की असफलता होगी।" – आमजन की आवाज़
इस समाचार का उद्देश्य न्याय की मांग कर रही एक महिला की आवाज़ को सामने लाना है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है। यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो यह केवल एक मामले की चूक नहीं, बल्कि व्यवस्था पर से जनता के भरोसे की बुनियाद हिला सकती है।