1 वर्ष चली सुनवाई के बाद अमरवाड़ा अपर सत्र न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय
Chhindwara 27 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:- छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित मग्गीबाई अंधे हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी प्रेमलाल पिता द्वारका चंद्रवंशी को न्यायालय ने दोषमुक्त घोषित कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार को अमरवाड़ा के अपर एवं जिला सत्र न्यायालय द्वारा सुनाया गया।
यह मामला 22 मई 2024 को सामने आया था जब भूमकाघाट के जंगल (परासिया रोड) पर एक महिला का संदिग्ध अवस्था में शव मिला था। शव की पहचान मृतका मग्गीबाई चंद्रवंशी के रूप में हुई, जो सिंगोड़ी की अंग्रेजी शराब दुकान में रसोईया के तौर पर कार्यरत थीं।
तीन दिन बाद जंगल में मिला था शव, प्रेमलाल को बनाया गया था आरोपी
मग्गीबाई अपने कार्यस्थल से घर नहीं लौटी थीं। तीन दिन बाद उनका शव जंगल में बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला दर्ज किया और जांच के बाद मृतका के दूर के रिश्तेदार प्रेमलाल को आरोपी बनाकर जेल भेजा।
गहन सुनवाई और सबूतों के अभाव में न्यायालय ने सुनाया निर्णय
करीब 1 वर्ष तक चली सुनवाई में प्रेमलाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध श्रीवास्तव, अधिवक्ता नूपुर विश्वकर्मा, अंशुल जैन और नीतेश प्रजापति ने पैरवी की।
अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र कुमार उईके की अदालत ने पाया कि प्रेमलाल के विरुद्ध हत्या का कोई प्रत्यक्ष या पुष्ट प्रमाण नहीं है और उसे झूठा फंसाया गया है। अदालत ने प्रेमलाल को पूरी तरह से दोषमुक्त कर दिया।
परिवार ने न्यायालय का माना आभार
निर्दोष साबित होने के बाद प्रेमलाल के पिता द्वारका चंद्रवंशी और उनके परिवार ने न्यायालय का आभार जताते हुए कहा कि –
“न्याय मिलने में देर जरूर हुई, पर मिला। हमें भारतीय न्याय व्यवस्था पर विश्वास था और रहेगा।”



