घटना का विवरण:
यह मामला दिनांक 2 नवंबर 2019 की रात का है, जब आरोपी अजय उइके (उम्र 28 वर्ष), निवासी ग्राम विजयपानी कला, थाना कान्हीवाड़ा पीड़िता के घर पहुंचा और पानी मांगा। युवती ने उसे पानी दिया और फिर सभी परिजन सो गए।
अगली सुबह युवती घर में नहीं मिली। सुबह लगभग 6 बजे गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि एक युवती नदी किनारे रेत में पड़ी हुई है। परिजन मौके पर पहुँचे तो पुत्री मृत अवस्था में मिली। तत्काल थाना बरघाट में रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस जांच और अपराध स्वीकारोक्ति
थाना प्रभारी श्री के. मरावी के नेतृत्व में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अजय उइके को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने गमछा से युवती का गला घोंटकर हत्या की। हत्या में प्रयुक्त गमछा पुलिस ने जब्त किया।
⚖️ अभियोजन की प्रभावी पैरवी
मामले में वरिष्ठ एडीपीओ श्रीमती उमा चौधरी ने सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में ठोस साक्ष्य और गवाहों के माध्यम से यह प्रमाणित किया कि अपराध सुनियोजित था।
प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
⚖️ न्यायिक टिप्पणी और संदेश
यह फैसला न केवल पीड़िता के परिवार के लिए न्याय है, बल्कि यह समाज के लिए एक स्पष्ट चेतावनी और संदेश भी है कि:
“महिलाओं के विरुद्ध हिंसा किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। न्याय प्रणाली सजग और सशक्त है।”



