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जिले का एक उत्पाद बना सीताफल परंतु उत्पादक शोषण का शिकार

सिवनी यशो:-जिले का एक उत्पाद सीताफल घोषित किया गया है और इसका उत्पादन छपारा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में होता है सीताफल के मूल उत्पादक आदिवासी वर्ग के लोग है । छपारा सीताफल देश के महानगरों में निर्यात किया जाता है और इसकी सबसे बेहतर क्वालिटी को निर्यात किया जाता है तथा सीताफल का बड़ा व्यापार और मुनाफा स्थानीय उत्पादको की अपेक्षा दलालों और व्यापारियों के हाथों में है । अच्छे मूल्य प्राप्त हो इसके लिये शासन ने व्यवस्थाएँ भी दी है परंतु सीताफल के मूल उत्पादको को कोई विशेष लाभ नहीं हो रहा है वे शोषण का शिकार होते है । वही इस फसल को कड़ी मेहनत से पेड़ों से तोड़कर लाने वाले मजदूर और निम्न वर्ग के परिवारों से मंडी में टैक्स के नाम पर 5 -10 रूपये प्रति टोकरी के हिसाब से टैक्स लिया जा रहा है जो सरासर गलत है जबकि बाजार ठेकेदार को वसूली का ठेका सोमवार और बुधवार को पंचायत क्षेत्र में लगने वाली दुकानों से लिए जाने का प्रावधान है। इस साल सीताफल की मंडी एरिकेशन कॉलोनी में लगाई गई है। जहां पंचायत के नाम पर कुछ लोग गरीब और निम्न वर्ग के लोगों से रोजाना पांच और दस टोकनी के हिसाब से अवैध वसूली कर रहे हैं । अवैध टैक्स वसूल करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है । अवैध टैक्स वसूलने वाले लोग दबंगता से गरीबों से टैक्स वसूल कर हजारों रुपए अपनी जेब में डाल रहे हैं, जहां ना तो प्रशासन की नजर जा रही है, ना यहां के दोगले नेताओं के इस पर नजर पड़ रही है जो हमेशा गरीबों का हितैषी बताते हैं यदि सही में यहां के नेता और प्रशासन गरीबों की हित की बात करते हैं तो तत्काल सामने आकर इस टैक्स पर रोक लग सकती है ।
वन परीक्षेत्र छपारा की दविश सीताफल मंडी में मंडी संचालक और ग्रामीणों को वन परीक्षेत्र अधिकारी के द्वारा लगातार समझाईश जा रही है कि कच्चे फल ना खरीदे न तोड़े परंतु लोभी व्यापारी इन्हेे कच्चे फल तोडऩे के लिये उकसाया जाता है जबकि विभाग का कहना यह दण्डनीय अपराध है परंतु कच्चा सीाताफल मंडी में लाने की अपेक्षा उसे चोरी छिपे बाहर भेज दिया जाता है । ग्राम खरमटाकोल में प्राकृतिक रूप से उपजे सीताफलों को चिन्हित किया जा रहा है । छपारा क्षेत्र की पहचान सीताफल है जो लोगों के लिए कुछ महीने के लिए रोजगार के अवसर लाता है परंतु चालाक व्यापारियों ने सीताफल के व्यापार पर भी अपना कब्जा जमा लिया है ।
सीताफ़ल एक बोहोत ही लाजवाब, स्वादिष्ट और मीठा फल होता है। जो पूरे शरीर को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखने मे सहायक होता है। सीताफ़ल के सेवन से थकावट और मांस पेशियों की कमज़ोरी दूर होती है।
सीताफ़ल मे पोटेशियम मैग्नीशियम कैल्शियम तांबा फ़ाइबर फ़ास्फ़ोरस जैसे खनिज और विटामिन ए विटामिन बी विटामिन सी भरपूर मात्रा मे पाए जाते है । इसके अतिरिक्त इसमे राइबोफ्लेविन होता है जो विभिन्न दृष्टि समस्याओं से आंखों की सुरक्षा करता है।
सीताफ़ल, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का एक अच्छा स्रोत है, जो तनाव, चिड़चिड़ापन, और अवसाद को शांत करने में मदद करता है। सीताफ़ल भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में भी मदद करता है।
सीताफ़ल मे मैग्नीशियम भरपूर मात्रा मे पाया जाता है, जो शरीर में पानी को संतुलित करके जोएन्ट से एसिड को हटाता है। यह गठिया, और मांस पेशियों में कमज़ोरी के लक्षण को कम करने में मदद करता है। सीताफ़ल मे कैल्शियम भी होता है, जो हड्डी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
सीताफ़ल में मौजूद, डाइटरी फ़ाइबर और कॉपर हाज़मे को दुरुस्त करता है, और कब्ज़ की समस्या से मुक्ति दिलाता है। सीताफ़ल में मौजूद, नियासिन और डाइटरी फ़ाइबर, कोलेस्ट्रोल के स्तर को, कम करने में सहायक होता है।

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