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30 अगस्त : काला दिवस मनाकर सन्त श्री आशारामजी बापू की रिहाई की मांग

छिंदवाड़ा यशो: – अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच और साधकों ने आज विशाल रैली निकालकर महामहिम राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 30 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाकर सन्त श्री आशारामजी बापू की रिहाई की मांग की । ज्ञापन में बताया – शास्त्रों में आता हैं कि सन्त सताए तीनों जाए :- तेज , बल और वंश। जिस धरती पर सन्तों को प्रताडि़त किया जाता है वहाँ प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती ही है । 25 अप्रैल 2018 को निर्दोष संत श्री आशारामजी बापू को राजनैतिक षड्यंत्र के तहत जानबूझकर एक झूठे , केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जबकि विधि के जानकारों का मानना है कि ये पूरा केस ही फर्जी है। इस प्रकरण में राजनेताओं और न्यायव्यवस्था ने अपना खेल , खेल लिया। पर इन सबसे बड़ी आदलत तो ऊपर वाले की है। प्रकृति ने भी अपना रौद्र रूप दिखाया सन 2019 में कोविड – 19 की लहर आ गई लाखों लोग असमय काल का ग्रास बन गए। कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई। सम्पूर्ण विश्व के हालात चिंताजनक हैं। रूस – यूक्रेन युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और इजरायल और हमास का युद्ध प्रारंभ हो गया। इन युद्धों में अनगिनत जनहानि की खबर है। एशिया महाद्वीप के हालात भी कुछ ठीक नही है। अफगानिस्तान , पाकिस्तान , श्रीलंका , म्यामांर और बंगलादेश सभी हमारे पड़ोसी देश झुलस रहें हैं। देश में कई राज्य जलमग्न हो गए हैं , अस्थिरता का माहौल है। ज्योतिष विज्ञान के जानकार लोगों का कहना है कि आने वाले 6 माह पूरे विश्व पर बहुत भारी हैं।

30 अगस्त : काला दिवस मनाकर सन्त श्री आशारामजी बापू की रिहाई की मांग - Seoni News

जहाँ पूज्यों का विरोध होता है वहाँ अनेक परेशानियाँ आती है

महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण चाहते थे युद्ध ना हो पर परिस्थिति ऐसी बनी। द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण का बहुत अपमान हुआ । जहां पूज्य लोगों का विरोध होता हैं वहाँ पर दुख , भय ,उन्माद ,कलह आदि स्वयं स्फुरित हो जातें हैं। सन 1889 के आसपास स्वामी विवेकानंद जी पर भी बहुत सारे अनर्गल आरोप लगे उनके पूज्य गुरुदेव श्री रामकृष्ण परमहंस जी के मृत शरीर की समाधी तक के लिए जगह से वंचित किया गया ! फिर प्रकृति ने रौद्र रूप दिखाया फ्लैग जैसी महामारी में आधा विश्व समाप्त हो गया, पूज्य गुरु तेगबहादुर जी को लगभग सन 1675 में औरगजेब ने सिर कलम किया उनके बच्चों की निर्मम हत्या की। सन 1707 के आसपास औरंगजेब के मुगल साम्राज्य का ही अंत हो गया। इतिहास में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं। आज पूरा विश्व तृतीय विश्व युद्ध की कगार पर है । हमारे राजनेताओं और न्याय व्यवस्था को इतिहास से सबक लेते हुए सन्तों पर अत्याचार पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। साथ ही निर्दोष संत श्री आशारामजी बापू को शीघ्र रिहा किया जाना चाहिए।

700 जिला केन्द्रों में विरोध प्रदर्शन

31 अगस्त 2013 को उनको फर्जी प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था आज देश के 700 जिला केंद्रों पर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है । 31 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता ्र. क्क. सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन है। जिसमें माँग है कि तथाकथित आरोप छेड़छाड़ का था पर जानबूझकर प्रकरण धारा 376 में क्यो दर्ज किया । ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन , साध्वी प्रतिमा बहन , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई , समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , महिला आश्रम की संचालिका नीलू बहन , सुभाष इंग्ले , अशोक कराडे , बबलू माहोरे , महिला समिति , छाया सूर्यवंशी , करुणेश पाल, डॉ. मीरा पराड़कर , योगिता पराड़कर ,रुपाली इंग्ले, वर्षा आहूजा , शकुंतला कराडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

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