गजरथ महोत्सव: दूसरे दिन गर्भ कल्याणक कार्यक्रम संपन्न
गजरथ महोत्सव: दूसरे दिन गर्भ कल्याणक कार्यक्रम संपन्न
छपारा। नगर में जारी गजरथ महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को
गर्भ कल्याणक कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः भगवान के अभिषेक एवं श्री योगमंडल विधान
के विधिवत आयोजन से किया गया।

इस अवसर पर मुनि श्री नीरज सागर महाराज ने कहा कि-
प्रवचन केवल सुनने
के लिए नहीं होते, बल्कि उन्हें जीवन में उतारना ही जीवन की सच्ची सार्थकता है।
श्रद्धा में प्रगाढ़ता आने से ही भक्ति स्वतः विकसित होती है।
मुनि श्री ने कहा कि-
भगवान हमारे भीतर के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
जब अंतःकरण शुद्ध होता है, तभी भगवान के प्रति अटूट भक्ति जागृत होती है और
संसारी जीवों के पापों का क्षय होता है।
उन्होंने कहा कि-
मनुष्य बाह्य परिवेश और इंद्रियों के झूठे पोषण में ही उलझा हुआ है।
जब तक आत्मचिंतन नहीं होगा, तब तक मोक्ष की ओर कदम आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
प्रभु का समवशरण सबसे बड़ा आकर्षण है।
वहीं पूज्य माताजी ने अनुशासन के महत्व को बताते हुए कहा कि-
सांसारिक सुख क्षणिक सुखाभास हैं,
जबकि वास्तविक आनंद भगवान के समान मोक्ष प्राप्त करने में है।
उन्होंने पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परिवार के
मोक्षमार्ग संबंधी प्रेरक संस्मरण भी साझा किए।
गुरुवार रात्रि को सौधरम इन्द्र एवं कुबेर बने पात्रों के निवास से
विशेष आकर्षण के साथ महाआरती निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करते हुए
गजरथ महोत्सव स्थल तक पहुंचेगी।



